नोएडा। सेक्टर-51 स्थित क्लाउड नाइन अस्पताल में प्रसूता की मौत मामले में सीजेएम कोर्ट ने सेक्टर-39 कोतवाली पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। मामले में पूर्व में तीन सदस्यीय जांच टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंची थी। टीम ने आयुर्विज्ञान संस्थान से जांच कराने के लिए लिखा था। मामले में अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस भी जांच करेगी। हालांकि, देर शाम तक कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था।
सेक्टर-39 निवासी आदित्य गिनौडिया ने पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि 24 अप्रैल 2020 को गर्भवती पत्नी सुरभि को सेक्टर-51 स्थित क्लाउड नाइन अस्पताल में भर्ती कराया था। सामान्य प्रसव से बेटी पैदा हुई। आरोप है कि शाम को स्टाफ ने जानकारी दी कि सुरभि की हालत गंभीर है। बेहतर इलाज के लिए गाजियाबाद के वैशाली स्थित निजी अस्पताल शिफ्ट कर रहे हैं। जैसे ही सुरभि को लेकर गाजियाबाद स्थित अस्पताल पहुंचे, वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद जब वह बेटी को लेने क्लाउड नाइन अस्पताल पहुंचे तो बकाया भुगतान करने के बाद ही बच्ची सौंपने की बात कही गई। उन्होंने करीब 2 लाख रुपये का भुगतान कर बच्ची अपनी सुपुर्दगी में ली। पीड़ित ने पत्नी के शरीर के कई अंग भी गायब करने के आरोप लगाए हैं। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने तीन सदस्यीय टीम को जांच के लिए निर्देशित किया। इस पर एसीएमओ डॉ. शशि कुमारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंगेल की चिकित्सक मीरा पाठक, डॉ. चंदन सोनी ने जांच कर रिपोर्ट में लिखा कि मरीज को न तो उच्च रक्तचाप की शिकायत थी और न ही शरीर में रक्त की कमी थी। हार्ट अटैक के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। पोस्टमार्टम नहीं होने से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। संभव हो तो मामले की जांच किसी उच्च आयुर्विज्ञान संस्थान से कराई जाए। अब गौतमबुद्ध नगर सीजेएम कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा है कि सेक्टर-39 कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने को कहा है। वहीं, क्लाउंड नाइन अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि महिला को एमनीओटिक फ्ल्यूड एंबोलिज्म (एएफई) की शिकायत थी। इस बीमारी में मृत्युदर अधिक होती है। अस्पताल में उपचार की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन महिला को बचा नहीं सके। अस्पताल के स्तर से लापरवाही नहीं बरती गई है।