पानी के लिए रास्ता रोका तो 78 लोगों पर दर्ज कर दिया मुकदमा
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने 130 मीटर रोड को जाम करने के आरोप में इको विलेज दो सोसाइटी के 78 लोगों पर मामला दर्ज किया है, इनमें 8 नामजद हैं। पुलिस की कार्रवाई से सोसाइटी के साथ-साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों में भी रोष है। लोगों का कहना है कि पानी मांगने पर एफआईआर दर्ज करना मानवता के खिलाफ है।
इको विलेज दो सोसाइटी में रविवार की रात से पानी नहीं है। इससे परेशान होकर सोसाइटी के लोगों ने मंगलवार की रात 130 मीटर रोड पर जाम लगा दिया था। करीब डेढ़ घंटे तक जाम की वजह से वाहनों की लाइन लग र्गई थी। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वे नहीं माने। मामले में बिसरख कोतवाली पुलिस ने बुधवार को धारा-144 का उल्लंघन करने के आरोप में सोसाइटी के 78 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें मनोज कुकेता, संजीव सक्सेना, मनोज झा, प्रशांत चौधरी, परमेश्वर दुबे, डॉ. मुकेश चौधरी व मोनू को नामजद किया गया है। कार्रवाई का पता चलने के बाद सोसाइटी के साथ-साथ ग्रेनो वेस्ट, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि तीन दिन से लोगों को पानी नहीं मिल रहा था। हर जगह मदद मांगी, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। आखिर में पानी की मांग को लेकर रोड जाम करना पड़ा। उस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया है। साथ ही मुकदमा वापस लेने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर शुरू की जंग
एफआईआर दर्ज होने के बाद लोगों में आक्रोश है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोग अपना गुस्सा निकाल रहे है। वहीं, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री समेत सभी को ट्वीट भी किया गया है। साथ ही व्हाटसएप ग्रुप पर भी दिन भर भी भड़ास निकाली गई। लोगों का कहना है कि पुलिस, प्राधिकरण और बिल्डरों पर कार्रवाई नहीं करती है। लोग पानी मांग रहे है तो उन पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी। ये कहां का न्याय है।
खरीदार पुलिस के पास शिकायत करते हैं, लेकिन पुलिस कुछ नहीं करती। सोसाइटी के लोग तीन दिन से पानी को तरस रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने मदद नहीं की। लोगों ने पानी मांगा तो उन पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। एफआईआर वापस करने की मांग की जाएगी।
- अभिषेक कुमार, अध्यक्ष, नेफोवा