माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। भारतीय स्टेट बैंक की गामा-1 स्थित शाखा से करीब 1.9 लाखॉ का ऋण लेकर बंधक रखे गए स्टॉक को खुर्द-बुर्द करने और बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट के आदेश पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामला 2017 का है। बैंक की प्रबंधक रिचा अग्रवाल ने बताया कि मैसर्स अभिषेक इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर नवनीत जैन ने रेडीमिक्स कंक्रीट एवं मशीनरी जॉब वर्क के व्यवसाय के लिए 31 मार्च 2017 को 1.9 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। यह ऋण हाइपोथिकेशन ऑफ स्टॉक के आधार पर दिया गया था, जिसमें ऋणी को स्टॉक सुरक्षित रखने और समय-समय पर उसका विवरण बैंक को देने की शर्त थी। ऋण न चुकाने पर जब बैंक ने स्टॉक जब्त किए तो सामने आया कि स्टॉक जानबूझकर गायब कर दिए गए। बैंक का आरोप है कि ऋणी और जमानती ने बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से हाइपोथिकेट स्टॉक को अनाधिकृत रूप से बेच दिया या खुर्द-बुर्द कर दिया। साथ ही फर्जी खरीद-फरोख्त दिखाकर अवैध तरीके से मुनाफा भी कमाया। बैंक ने कहा कि मार्च 2024 को उसने पुलिस को शिकायत दी थी लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो बैंक कोर्ट पहुंचा। अब कोर्ट वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।