(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जूते और परिधानों के कारोबार से जुड़ी रेडटेप कंपनी से एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर धनराशि हड़पने के मामले में जिला न्यायालय ने दो आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामला थाना सेक्टर-142 में दर्ज अपराध से जुड़ा है। रेडटेप लिमिटेड के शंशाक कुमार ने चमन सिंह उर्फ चैतन्य चौहान, गौरव पांडे, सोनाली सिन्हा, गौरव राज, आयुष राज, आशीष कुमार और अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि कंपनी का व्यवसाय पहले मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड के पास था। जिसे एनसीएलटी के आदेश के बाद रेडटेप लिमिटेड को हस्तांतरित कर दिया गया था। कंपनी में कार्यरत चमन सिंह ने हरियाणा सरकार के कर भुगतान के नाम पर करीब 67 लाख रुपये तथा गुजरात सरकार के कर भुगतान के नाम पर लगभग 51.84 लाख रुपये विभिन्न आरोपियों के खातों में स्थानांतरित कराए गए। ऑडिट के दौरान सरकारी वेबसाइटों पर भुगतान का सत्यापन किया गया तो पता चला कि हरियाणा और गुजरात सरकार के खाते में कोई कर जमा नहीं हुआ था। आरोपियों ने मिलकर साजिश रचते हुए फर्जी चालान, मोहर और सरकारी दस्तावेज तैयार कर कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया था। न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।