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Noida News: समाधान शिविर बना औपचारिकता, विभागाध्यक्षों की जगह पहुंचे क्लर्क-कर्मचारी

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-शिविर में एक बार फिर अधिकांश विभागों के मुखिया नदारद रहे
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नूंह। हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना समाधान शिविर का उद्देश्य आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है, लेकिन नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका उपमंडल में यह व्यवस्था महज औपचारिकता बनकर रह गई है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में आयोजित उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर में एक बार फिर अधिकांश विभागों के मुखिया नदारद रहे और उनकी जगह क्लर्क व चपरासी ही मौजूद दिखाई दिए। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, शिविर में एसडीएम स्वयं भी मौके पर मौजूद नहीं रहे। वह मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने कार्यालय से जुड़े रहे, जबकि शिविर स्थल पर मौजूद क्लर्क और अन्य कर्मचारी अलग से ऑनलाइन जुड़े। ऐसे में लोगों की समस्याओं के मौके पर समाधान की सरकार की मंशा अधूरी नजर आई।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस समाधान शिविर में एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि या तो लोगों का इस व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है, या फिर उन्हें यह उम्मीद नहीं रही कि यहां उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान हो पाएगा। लगातार लापरवाही के चलते शिविर की विश्वसनीयता प्रभावित होती दिख रही है।
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एक विभाग के एसडीओ ही रहे उपस्थित : शिविर में मौजूद सरकार द्वारा नियुक्त एमीनेंट सिटीजन नितिन दूबे ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि लोगों को उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान मिले, लेकिन फिरोजपुर झिरका में अधिकारियों की उदासीनता सरकार के प्रयासों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को केवल एक विभाग के एसडीओ ही उपस्थित रहे, जबकि बीडीपीओ, विभिन्न विभागों के एसडीओ, डीएसपी, तहसीलदार, एसएमओ समेत सभी विभागाध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य है। इस मामले में अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति और एसडीएम लक्ष्मीनारायण से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
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