- कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-142 थाने में दर्ज हुआ मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना सेक्टर-142 में एक बिल्डर कंपनी के दो निदेशकों और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ बुधवार को धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। वादी प्रवीन कुमार अरोड़ा मेसर्स वीवीएनटी सेक्वर एलएलपी के पार्टनर हैं। उन्होंने बताया कि मार्च 2024 के अंतिम सप्ताह में उन्हें एजेंटों सूरज और कीर्तिमान दीक्षित के माध्यम से मेसर्स प्रॉप ओशन्स वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक देवांश शर्मा उर्फ श्याम गौतम और कृष्णा गौतम से मुलाकात कराई गई थी।
आरोपियों ने भूटानी अल्फाथम और मथुरा में प्रस्तावित एलांटे मॉल परियोजना में निवेश पर भारी रिटर्न का झांसा देकर 3 करोड़ 68 लाख 12 हजार 700 रुपये विभिन्न संपत्ति समझौतों के नाम पर जमा करवा लिए। 6 नवंबर 2024 को सभी लेन-देन को मिलाकर भूटानी अल्फाथम की पांचवीं मंजिल पर 6,840 वर्ग फुट के कार्यालय की एक नई रजिस्ट्री करवाई। बाद में जब यह समझौता भी पूरा नहीं हुआ तोआरोपियों ने मूलधन 3.15 करोड़ रुपये के साथ 70 लाख रुपये प्रीमियम सहित कुल 3.85 करोड़ रुपये 15 मार्च 2025 तक लौटाने का वादा किया था।
आरोप है कि भूटानी अल्फाथम और पूर्वांचल रॉयल पार्क सेक्टर-137 की जिन संपत्तियों को आरोपियों ने अपना बताकर बेचा गया। जांच में वह असल में क्रमशः सर्व प्रिया शास्त्री, रमा प्रिया और अर्पित शास्त्री के नाम पंजीकृत पाई गईं। आरोपी देवांश शर्मा ने महिला शिकायतकर्ताओं को कथित रूप से डराया-धमकाया और नकद भुगतान के लिए दबाव बनाने के लिए बाउंसर भेजा। आरोपी जय प्रकाश गौतम ने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का सेवानिवृत्त अधिकारी बताया। धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से करने पर मदद नहीं मिली है। इसके बाद कोर्ट की शरण ली है। बाद में कोर्ट के आदेश पर देवांश शर्मा , कृष्णा गौतम (दोनों निदेशक), जय प्रकाश गौतम (अधिकृत प्रतिनिधि), सूरज (मैनेजर) और कीर्तिमान दीक्षित (मैनेजर) को नामजद किया गया है।