माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी करन किरतनिया की जमानत अर्जी सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताया है। प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता। यह मामला थाना फेस-2 में दर्ज है। 2 सितंबर 2026 को गायत्री देवी ने रिपोर्ट लिखाई थी। उन्होंने बताया कि उनकी 23 वर्षीय बेटी रानी ने फंदा लगाकर आत्महत्या की। करन नामक युवक रानी के विद्यालय में पढ़ता था और दोनों दोस्त थे। युवक शादी के लिए रानी को प्रताड़ित करता था। बात-बात पर झगड़ने से परेशान होकर रानी ने जान दे दी। मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। उकसाने या दबाव बनाने का कोई साक्ष्य भी नहीं मिला।
आरोपी करन ने खुद को झूठा फंसाने का दावा किया। उसने बताया कि दोनों बालिग थे, नवंबर 2025 से पति-पत्नी की तरह रह रहे थे और 1 जनवरी 2026 को विवाह किया था। करन के अनुसार, मृतका की मां और भाई आशु इस विवाह से नाराज थे, वे धमकी देते थे। रक्षाबंधन पर दंपती से गाली-गलौज और मारपीट भी की गई, जिससे युवती तनाव में थी। करन ने बताया कि घटना के समय वह मित्रों के कमरे पर था, सुबह लौटने पर उसने युवती को पंखे से लटका देखा और दयाल 112 पर सूचना दी।