-यमुनासिटी के रबूपुरा का युवक कतर में रहकर कर रहा है नौकरी
-परिवार के लोग हर दिन मोबाइल पर बात करके कर रहे सलामती की दुआ
माई सिटी रिपोर्टर
यमुनासिटी। हम अपने बेटे से फोन पर बात कर रहे थे। तभी वहां पर अचानक मिसाइल गिरी और तेज धमाके के साथ सायरन बजने लगे। पूरा परिवार घबरा गया था। लेकिन हमारे बेटे ने बताया कि मिसाइल काफी दूर गिरी है और वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बेटे ने बताया कि वहां नींद में भी लोगों को मिसाइलें गिरने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। यह बात रबूपुरा के विलोचन मुहल्ला निवासी इरफान खान ने बताई। उनका बेटा इस समय युद्ध के बीच कतर में फंसा हुआ है।
इरफान ने बताया कि उनका बेटा इसरार कतर के दोहा में रहकर पिछले कई सालों से नौकरी कर रहा है। वह दोहा में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले वह अपने बेटे से मोबाइल पर बात कर रहे थे। तभी तेज धमाके की आवाज आई थी और सायरन बजने लगे थे। जब उन्होंने अपने बेटे इसरार से पूछा तो उन्होंने बताया कि वहां पर मिसाइल गिरी है। वह यही दुआ कर रहे हैं कि उनका बेटा सही सलामत घर वापस लौट आए।
सुरक्षा बल कर रहे हैं लोगों की निगरानी : परिवार के लोगों ने बताया कि उनकी लगभग हर दिन इसरार से बात हो रही है। उनका बेटा खुद ही कॉल कर लेता है। इसरार ने परिवार के लोगों को बताया है कि वह और अन्य लोग इस समय सुरक्षा बलों की निगरानी में हैं। सुरक्षा बल उनकी निगरानी कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। जैसे ही भारत वापसी की व्यवस्था बनेगी, वह अपने वतन लौट आएगा।
20 साल से सउदी में रह रहा सगीर : रबूपुरा के सद्भावना नगर निवासी हसीना का बेटा सगीर पिछले 20 साल से सउदी अरब में रह रहा है। सउदी अरब के रियाद में रहकर वह ड्राइवरी का काम करता है। हसीना ने बताया कि बेटे ने बातचीत के दौरान बताया कि लगातार वहां मिसाइलों के हमले हो रहे हैं। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों में रखा जा रहा है। हसीना ने बताया कि रमजान के महीने में वह अल्लाह से दुआ कर रही हैं कि उनका बेटा सही सलामत घर लौट आए।
13 महीने पहले गया था, अब रुपये भी हुए खत्म : रबूपुरा के मोहल्ला आजाद नगर निवासी असलम खान का बेटा अशरफ खान उर्फ नन्हे 13 महीने पहले दुबई गया था। युद्ध के हालात बनने के बाद वह वहां पर फंस गया है। असलम ने बताया कि उनके 8 बेटे और 4 बेटियां हैं। 26 वर्षीय अशरफ उनका दूसरे नंबर का बेटा है और कमाने के लिए दुबई गया था। लेकिन युद्ध के बाद उसकी नौकरी छूट गई है और उसके पास से रुपये भी खत्म हो गए हैं। वह चाहते हैं कि उनका बेटा जल्द से जल्द घर वापस आ जाए। लेकिन बेटे ने बताया कि अभी वापसी की कोई स्थिति नहीं बन रही है।