- 17 मार्च को होगीसुनवाई, रिस्पांस एजेंसियों और नोएडा प्राधिकरण से मांगा गया विस्तृत जवाब
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 स्थित भूखंड के बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत डूबकर हुई युवराज मेहता की मौत का मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है। घटना के बाद गठित एसआईटी की रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर इस प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की गई है। मामले की सुनवाई 17 मार्च-2026 को निर्धारित की गई है। साथ ही मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने नोएडा में लगातार सामने आ रही गंभीर घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से विस्तृत जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता हिमांशु जायसवाल की ओर से दायर पीआईएल में नोएडा क्षेत्र में बार-बार हो रही दुर्घटनाओं को सार्वजनिक सुरक्षा, संरचनात्मक जोखिम और आपदा प्रबंधन की विफलता से जोड़ते हुए प्रभावी रोकथाम उपायों की मांग की गई है। याचिका में नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस आयुक्तालय, अग्निशमन विभाग के साथ-साथ स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) को भी पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई के दौरान नोएडा प्राधिकरण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्य सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल ने काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली तारीख 17 मार्च तय कर दी।
गौरतलब है कि 16 जनवरी को सेक्टर-150 के एससी-2 ए-3 प्लॉट के बेसमेंट में जलभराव के बीच युवराज मेहता की कार गिर गई थी। जिससे उनकी मौत हो गई थी। अब तक नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ डॉ. लोकेश एम और एक जूनियर इंजीनियर को पद से हटाया गया है। इसके बाद अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है।