(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसाइटी में रहने वाली महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नामजद ससुर और देवर को अदालत से राहत नहीं मिली है। मामला थाना बिसरख में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। वादी पुरुषोत्तम यादव ने अपनी बहन सुलेखा कुमारी की मौत को दहेज उत्पीड़न और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना का परिणाम बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार सुलेखा की शादी वर्ष 2011 में धर्मेंद्र यादव उर्फ पप्पू यादव से हुई थी। वह अपने पति और दो बच्चों के साथ ग्रेटर नोएडा स्थित आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसाइटी में रहती थीं।
विवाह के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज तथा पैसों की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे। घटना से कुछ दिन पहले उसकी बहन ने फोन पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की जानकारी दी थी। बाद में उसकी मृत्यु की सूचना मिली, जिसके बाद पति, ससुर, देवर और एक अन्य महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अग्रिम जमानत याचिका में ओमप्रकाश सिंह और मिथलेश कुमार की ओर से कहा गया कि वह क्रमशः मृतका के ससुर और देवर हैं। बिहार के पटना में रहते हैं। वह वर्षों से मृतका और उसके पति के साथ नहीं रह रहे थे। मिथलेश कुमार रेलवे में कार्यरत हैं। घटना के समय जबलपुर में ड्यूटी पर थे। विवाह को लगभग 15 वर्ष हो चुके थे। ऐसे में दहेज मांगने के आरोप निराधार हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि वर्तमान मामले के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति और विवेचना की स्थिति को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।