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Noida News: चेक बाउंस मामले में प्रोपराइटर को एक साल की सजा और 6.50 लाख जुर्माना

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(अदालत से)
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- विशेष न्यायालय एनआई एक्ट का फैसला, तीन बार बयां हुआ चेक
- परिवादी को 6.25 लाख क्षतिपूर्ति, 25 हजार रुपये राज्य सरकार के पक्ष में होंगे जमा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायालय ने चेक बाउंस के एक मामले में केन सर्विस के प्रोपराइटर गाजियाबाद निवासी शिवनाथ गुप्ता को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही 6.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस अर्थदंड में से 6.25 लाख रुपये परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे जबकि शेष 25 हजार रुपये राज्य सरकार के पक्ष में जमा होंगे। जुर्माने की राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामला विरेंद्र सिंह एंड कंपनी बनाम शिवा केन सर्विस से संबंधित है, जो थाना सेक्टर-58 नोएडा क्षेत्र का है। सेक्टर-58 निवासी परिवादी फर्म विरेंद्र सिंह एंड कंपनी का आरोप है कि शिवा केन सर्विस द्वारा नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी किदवई नगर दिल्ली में खुदाई का कार्य कराया गया था। इसका 4.27 लाख का बिल बना था। इस बकाया राशि के भुगतान के लिए आरोपी की ओर से एक चेक 19 सितंबर 2015 को दिया गया। मगर 23 सितंबर 2015 को चेक अपर्याप्त धनराशि से बाउंस हो गया। दूसरी चेक 7 अक्तूबर 2015 को बाउंस हो गया। तीसरी बार भी 19 नवंबर 2015 को चेक बाउंस होकर लौट आया। इसके बाद आरोपी ने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही बकाया राशि का भुगतान किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसले में कहा कि परिवादी की ओर से पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्य और बयान विश्वसनीय पाए गए। तीन बार चेक का बाउंस होना और उसके बाद भी भुगतान न किया जाना, आरोपी की मंशा को दर्शाता है। न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के कारावास और 6.50 लाख के अर्थदंड से दंडित किया।
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