किस्तें बंद होने पर बैंक मैनेजर ने दर्ज कराई प्राथमिकी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-48 स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जगपाल सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को दिल्ली के भजनपुरा स्थित एक स्कूल का कर्मचारी बताकर बैंक से 8.90 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। इसके लिए उसने वेतन पर्ची, फॉर्म-16, पहचान पत्र सहित नौकरी और आय से संबंधित कई दस्तावेज बैंक में जमा किए थे। बाद में ऋण की किस्तें बंद हो गईं और खाता एनपीए होने के बाद बैंक ने दस्तावेजों की जांच की तो उनके फर्जी होने का पता चला। मामले में न्यायालय के आदेश पर सेक्टर-49 थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बैंक की शाखा प्रबंधक नेहा यादव की शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने वर्ष 2023 में वेतन के आधार पर ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ उसने दिल्ली के भजनपुरा स्थित एक स्कूल में नौकरी करने का दावा किया और इसके समर्थन में आवश्यक कागजात लगाए। बैंक ने दस्तावेजों की जांच के बाद 22 नवंबर 2023 को 8 लाख 90 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया। शुरुआत में ऋण की प्रक्रिया सामान्य रही, लेकिन बाद में आरोपी ने किस्तें जमा करना बंद कर दिया। बैंक की ओर से बकाया राशि जमा करने के लिए आरोपी को नोटिस भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद वसूली की कार्रवाई के दौरान बैंक अधिकारियों ने ऋण आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेजों की दोबारा जांच कराई। बैंक का आरोप है कि आरोपी ने नौकरी और आय से संबंधित गलत जानकारी देकर ऋण हासिल किया। बैंक प्रबंधन के अनुसार मामले में 15 अप्रैल 2026 को सेक्टर-49 थाने में शिकायत दी गई थी। कार्रवाई न होने पर बैंक ने न्यायालय की शरण ली। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि मामले की जांच में आरोपी के बताए स्कूल में उसकी नौकरी, आय और जमा कराए गए दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।