-महिला को नोटिस मिलने के मामले में एओए का दावा, महिला ने किया अपमानजनक भाषा का उपयोग
-निजी बातचीत रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर की प्रसारित, इसलिए जारी किया नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आरजी रेजीडेंसी सोसाइटी में इन दिनों सोसाइटी के कुछ सदस्यों और एओए के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। पिछले कुछ दिन पहले एओए की ओर से महिला को नोटिस देने के मामले में एओए का कहना है कि महिला ने निजी ऑडियो में अपमान जनक भाषा का उपयोग किया और उसे सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया है, जिसके चलते उनकी ओर से नोटिस जारी किया गया है।
बता दें, सेक्टर 120 स्थित आरजी रेजीडेंसी सोसाइटी में पिछले कुछ दिनों से निवासियों की ओर से स्मार्ट मीटर के जरिए रख रखाव शुल्क काटने का आरोप लगाते हुए विरोध किया जा रहा है। इसको लेकर कई बार सोसाइटी के अंदर हंगामा हुआ और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को बुलाना पड़ गया है। इस बीच सोसाइटी की एक महिला की ओर से यह दावा किया गया कि उन्होंने एओए के पदाधिकारियों से फोन पर बातचीत करके बैठक का समय मांगा, लेकिन उनका आरोप है कि उस दौरान एओए ने जवाब नहीं दिया और उल्टा उन्हें नोटिस भेज दिया।
वहीं दूसरी तरफ इसी मामले को लेकर अब एओए की ओर से भी बयान जारी करते हुए बताया गया है कि महिला ने एओए के पदाधिकारियों से फोन कॉल पर अपमानजक भाषा का उपयोग करते हुए बात की, इसके अलावा बिना मर्जी के फोन कॉल रिकॉर्ड करके उसमें हेरफेर कर सोसाइटी के एक सोशल मीडिया ग्रुप में डाल दिया गया। इसके बाद मामला बढ़ता चला गया।
एकीकृत सॉफ्टवेयर के जरिए काटा जाता है चार्ज : सोसाइटी की एओए पदाधिकारियों ने कहा कि अन्य हाईराईज सोसाइटियों की तरह ही उनके यहां भी एकीकृत सॉफ्टवेयर सिस्टम के साथ सिंगल प्वाइंट प्रीपेड मीटर काम करता है। यानी कि रख रखाव चार्ज और बिजली का बिल इसी प्रणाली के जरिए ही काटा जाता है, ताकि व्यवस्थाएं निरंतर जारी रह सकें।
निवासियों का दावा-प्रीपेड मीटर से नहीं काट सकते रख रखाव चार्ज : निवासियों का दावा है कि विद्युत निगम की ओर से यह स्पष्ट है कि कोई भी व्यक्ति प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली के अलावा किसी अन्य चार्ज को नहीं काट सकता है। ऐसे में उसी के साथ लिया जाने वाले रख रखाव चार्ज लेना गलत व अनाधिकृत है।