कोर्ट ने सेक्टर 126 कोतवाली पुलिस को एओएन कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ जांच के दिए आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा की सेक्टर सेक्टर 127 स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में उत्पीड़न और जबरन इस्तीफा दिलाने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सेक्टर-126 कोतवाली पुलिस को एओएन कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है।
मामला कंपनी के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव उदय शंकर द्वारा दायर वाद से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और जबरन इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। इस प्रकरण में कंपनी के चीफ पीपुल्स ऑफिसर लिसा स्टीवंस, डिजिटल डिलीवरी हेड कार्ल हीरी समेत अन्य अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। पीड़ित के अनुसार वह कंपनी में डोमेन, सर्वर और क्लाउड सिस्टम से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और शिकागो स्थित मुख्यालय से सीधी रिपोर्टिंग करते थे। उन्होंने कंपनी के भीतर सॉफ्टवेयर लाइसेंस उल्लंघन, प्रोडक्शन डेटा तक अनधिकृत पहुंच, डेटा गोपनीयता में चूक और वित्तीय अनियमितताओं जैसे मामलों का खुलासा किया था। इन्हीं खुलासों के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जाने लगा।
कंपनी की व्हिसल ब्लोअर नीति के तहत उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया गया था और 2019 व 2023 में लिखित आश्वासन भी मिला था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। बावजूद 21 नवंबर 2023 को एक मीटिंग के बहाने उन्हें बुलाया गया। जहां एचआर अधिकारियों की मौजूदगी में उनका मोबाइल फोन रखवा लिया गया और उन्हें मीटिंग रूम से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। करीब डेढ़ घंटे चली इस मीटिंग के दौरान उन्हें पानी तक पीने की इजाजत नहीं दी गई और लगातार दबाव बनाकर इस्तीफा देने को कहा गया। विरोध करने पर नौकरी से निकालने और भविष्य में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन खराब करने की धमकी दी गई। पीड़ित ने पुलिस से मदद नहीं मिलने पर। कोर्ट की शरण ली है।