फोन हैक से लेकर टेलीग्राम ट्रेडिंग और फर्जी ट्रांसपोर्ट के नाम पर पांच लोगों से 33.53 लाख की ठगी
- साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही मामलों की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से शहर के 5 लोगों को निशाना बनाकर करीब 33.53 लाख रुपये की ठगी कर ली। इन मामलों में फोन हैक करने, इंटरनेट बैंकिंग से रकम निकालने, टेलीग्राम के जरिये ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देने, आईजीएल गैस कनेक्शन के नाम पर ठगी और ट्रांसपोर्ट के लिए एडवांस रकम लेकर वाहन नहीं भेजने की शिकायतें सामने आई हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है।
सेक्टर-51 निवासी एक शख्स ने शिकायत में बताया कि सितंबर 2025 को उनका फोन हैक हो गया था। जालसाजों ने डिवाइस का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर ओटीपी हासिल किए और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन किए। इस मामले में कुल 6.66 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई। नोएडा एक्सटेंशन निवासी दूसरे शख्स ने शिकायत में बताया कि वह टेलीग्राम पर एक अज्ञात व्यक्ति के संपर्क में आए थे। उन्हें ट्रेडिंग के जरिए रकम बढ़ाने का झांसा दिया गया। इसके बाद अलग-अलग प्रक्रिया के नाम पर उनसे 8.61 लाख रुपये ठग लिए गए।
इंटरनेट बैंकिंग के जरिये ठग लिए 5.84 लाख रुपये : इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी ने शिकायत में बताया कि अगस्त 2025 को उनका फोन हैक कर इंटरनेट बैंकिंग के जरिये 5.84 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की। इसी तरह सेक्टर-37 निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ने शिकायत में बताया कि आाईजीएल गैस कनेक्शन के नाम पर उनसे 7.40 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। शिकायत में चार संदिग्ध मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है।
ट्रांसपोर्ट कंपनी के जरिए की ठगी : सेक्टर-105 निवासी एक शख्स ने बताया कि 1008 मीट्रिक टन इंपोर्टेड मैटेरियल को मुंद्रा पोर्ट से जम्मू-कश्मीर भेजने के लिए उन्होंने ट्रांसपोर्ट कंपनी के जरिये पांच लाख रुपये एडवांस दिए थे। रकम लेने के बाद कथित आरोपियों ने फोन बंद कर दिए। वाहन के चालक से जानकारी लेने पर पता चला कि उसे डीजल और रास्ते के खर्च के लिए एडवांस नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित को ऑनलाइन ठगी का पता चला। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।