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शाहबेरी की इमारतों में मिल रही खामियां

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शाहबेरी की इमारतों में मिल रही खामियां
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ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी में बनी इमारतों की सुरक्षा ऑडिट शुरू हो गई है। आईआईटी दिल्ली की टीम मौके पर जाकर ऑडिट कर रही है। ऑडिट में अवैध रूप से बनी इन इमारतों में खामियां मिल रही हैं। फाइनल रिपोर्ट आने में एक माह लग जाएंगे। इसके बाद ही फैसला लिया जाएगा। प्रदेश सरकार के निर्देश पर शाहबेरी की इमारतों की सुरक्षा ऑडिट करने की जिम्मेदारी दिल्ली आईआईटी को दी गई है। संस्थान ने जांच शुरू कर दी है। पिछले एक सप्ताह से टीम ऑडिट कर रही है। अब तक दो दर्जन बिल्डिंगों की जांच कर ली है। सूत्रों ने बताया कि बिल्डिंगों को बनाने में लगी निर्माण सामग्री भी कमजोर दिख रही है। आईआईटी की टीम बिल्डिंगों में बने पिलरों की मशीन से जांच कर रही है। बिल्डिंगों के नीचे ही सीवर व ड्रेनेज सिस्टम होने के कारण भी खतरा है। कुछ समय बाद इनमें दिक्कत शुरू हो जाएगी। ऐसी कई और भी खामियां सामने आ रही हैं। हालांकि इसकी फाइनल रिपोर्ट आने में करीब एक माह लग जाएंगे। उसके बाद ही स्थिति साफ होगी।
औद्योगिक सेक्टर में कूड़ा देख भड़के एसीईओ
ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद ने ईकोटेक थ्री (महिला उद्यमी पार्क वन व टू, ट्वॉय सिटी, उद्योग केंद्र, उद्योग केंद्र एक्सटेंशन वन और उद्योग केंद्र एक्सटेंशन टू) का दौरा किया। उनके साथ महाप्रबंधक समाकांत श्रीवास्तव व कई अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। वह भूखंड संख्या 30-31 के सामने लगे कूड़े के ढेर पर नाराज हुए और आवंटियों पर दंड लगाने की सिफारिश की। भूखंड संख्या 29 के सामने पानी व सीवर लाइन डालने का निर्देश दिया। भूखंड संख्या 32 के सामने अधूरे रोड को पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट व बिजली के लटके तारों को दुरुस्त करने का निर्देश भी दिया। ब्यूरो
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‘कॉलेजों में हेलमेट रखने का हो इंतजाम’
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा एंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र चौधरी ने एसएसपी को पत्र लिखकर सुझाव दिया है। उनका कहना है कि एक तरफ तो हेलमेट अनिवार्य है तो दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा के किसी भी संस्थान में हेलमेट रखने का इंतजाम नहीं है। हेेलमेट लगाकर कॉलेज आने वाले छात्रों को दिक्कत होती है। छात्र अगर बाइक में बांधकर जाते हैं, तो हेलमेट चोरी हो जाता है। बारिश होने पर उसमें पानी भर जाता है। ऐसे में सभी कॉलेजों व स्कूलों में हेलमेट रखवाने की व्यवस्था होनी चाहिए। ब्यूरो
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