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Noida News: लिफ्ट हादसे की साइड स्टोरी एक

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बेटी की डोली से पहले उठी पिता की अर्थी, छाया मातम
- कोई बेटी की शादी व कुछ पिता के कंधे मजबूत करने आए थे नोएडा


नेहा शर्मा
नोएडा। अगले महीने बहन की शादी है। पापा को कन्यादान करना था। हमलोग शादी की तमाम तैयारियां कर चुके थे। पर आज सुबह पापा हमें छोड़कर चले गए। फोन पर यह कहते हुए हादसे में जान गंवाने वाले अरुण का बेटा बुरी तरह रोने लगा था। शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल से जब परिजनों को अरुण की मौत की सूचना दी गई तो शादी की तैयारियों वाले घर में मातम छा गया।
वहीं जान गंवाने वाले श्रमिकों के साथी प्रमोद ने बताया कि शुक्रवार सुबह ही अरुण से मुलाकात हुई थी। अगले महीने उसकी बेटी की शादी है। वह धूमधाम से बेटी की शादी करना चाहता था। इसलिए वह छुट्टी भी नहीं ले रहा था । रोज शाम को घरवालों से शादी की तैयारियों के बार में पता करता था। प्रमोद भी उसकी बेटी की शादी में जाने वाला था। हालांकि हादसे के बाद अरुण समेत चार लोगों के परिवार सदमे में हैं।
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नहीं पता था भाई का शव लेकर जाना पड़ेगा
हादसे में जान गंवाने वाले विपोत मंडल का भाई विकास दो दिन पहले ही काम के लिए नोएडा आया था। जिस भाई ने उन्हें नोएडा बुलाया था अब उसका शव लेकर गांव जाना पड़ रहा है। विकास ने बताया कि विपोत के दो बेटे और दो बेटियां हैं। चारों पढ़ाई कर रहे हैं। घर में वह अकेले कमाने वाला था। विकास ने कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा कि घर का खर्च अब कैसे चलेगा।



पिता के कंधों का बोझ कम करने आया था शहर

श्रमिकों के संग रहने वाले तौफिक ने बताया कि इस्ताक अपने पिता के कंधों का बोझ कम करने नोएडा आया था। इस्ताक के तीन भाई और बहन हैं। पिता की कमाई से घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। इसलिए वह भी काम के लिए यहां आ गया। उसको गांव में घर भी बनाना था। इसलिए कुछ पैसे रखकर सारे घर भेज देता था। वह कहता था कि घर बन जाएगा तो वह फिर नोएडा नहीं आएगा।
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पांचों घायलों की हालत गंभीर
सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती लिफ्ट हादसे में घायल पांचों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने 24 घंटे बाद ही कुछ कहने की बात कही है। घायलों के सिर और पैर में गंभीर चोट लगी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, डीएम मनीष कुमार, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी, डिप्टी लेबर कमिश्नर धर्मेंद्र कुमार सिंह और सिटी मैजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह घायलों का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे। जिलाधिकारी घायलों के स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट ले रहे हैं। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए तीन डॉक्टर और दस नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।
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