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Noida News: अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का सरगना गद्दू समेत आठ गिरफ्तार

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ऑन डिमांड वाहन चुराने वाले अंतरराज्जीय गद्दू गिरोह सरगना समेत आठ सदस्य गिरफ्तार
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- आरोपियों की निशानदेही पर दस लग्जरी गाड़ियों को पुलिस ने किया बरामद

- 120 से अधिक वाहनों की चोरी कर चुके हैं गिरोह के सदस्य


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। लग्जरी कारों की चोरी करने वाले गद्दू गिरोह के सरगना समेत आठ बदमाशों को सेक्टर-20 और फेज एक थाने की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को दबोच लिया। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के सहारे गिरोह के बदमाश महज दो से पांच मिनट में वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इनके कब्जे से दस लग्जरी कार, पिस्टल और तमंचा समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। गिरोह के सदस्यों ने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम सहित अन्य स्थानों पर 120 से अधिक कारों की चोरी की है।

डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी इमरान, मोनू उर्फ जमशेद, फरमान, राशिद, साहिबजादा और साकिब उर्फ गद्दू व पंजाब के पटियाला निवासी रोहित मित्तल और रंजीत सिंह के रूप में हुई है। साकिब उर्फ गद्दू गिरोह का सरगना है। बीते दिनों फेज एक और सेक्टर-20 थाना क्षेत्रों से वाहनों की चोरी हुई थी। एसीपी रजनीश वर्मा और सुशील गंगा प्रसाद की अगुवाई में एक टीम गठित की गई। गद्दू गिरोह दिल्ली-एनसीआर के सेक्टरों और कालोनियों में खड़ी लग्जरी कारों की चोरी पिछले कई वर्षों से कर रहा है। गिरोह तीन चरणों में विभिन्न कंपनियों की टॉप मॉडल कारों की चोरी करने का कार्य करता है।
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ऐसे करते हैं वारदात
एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया, गिरोह के सदस्य दिल्ली-एनसीआर में रेकी कर सुरक्षित स्थान पर खड़ी उन कारों को चिन्हित करते हैं जो डिमांड में होती हैं। फरमान और राशिद काला कारों की चाबी की प्रोग्रामिंग के एक्सपर्ट हैं। यह असुरक्षित खड़ी गाड़ी के चालक साइड का शीशा ब्रेकर से तोड़ देते हैं। कार की पुश बटन स्टार्ट होती है तो वह प्रोग्रामिंग डिवाइस को एक कनेक्टिंग केबल से जोड़कर एक रिमोट तैयार कर उसे स्टार्ट कर लेते हैं। वह कार के स्टेयरिंग के नीचे होल कर लॉक सेट निकाल लेते हैं। लॉक सेट विद को बदलकर कार स्टार्ट कर लेते हैं। कार चोरी की प्रक्रिया में तीन से चार मिनट लगते हैं।

अन्य सदस्य करते हैं निगरानी
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गद्दू गिरोह के अन्य सदस्य साहिबजादा व मोनू उर्फ जमशेद बाहर उतरकर आसपास की निगरानी करते हैं। ताकि कोई खतरा आने पर वह कार चोरी के कार्य में लगे बदमाशों को बता सकें। घटनास्थल के पास ही इमरान एक अन्य कार को स्टार्ट रखकर भागने के लिए तैयार रहता है। गिरोह एक दिन में दो से तीन लग्जरी कारों को चुरा कर बताए गए स्थान पर मिलते हैं। इसके बाद गद्दू गैंग के सदस्य उन गाड़ियों को एक या दो दिन के लिए कहीं खड़ी कर देते हैं। ताकि उसमें जीपीएस आदि चीजें लगी हों, तो वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सकें। निगरानी के लिए दो हजार रुपये में एक लड़के को रख लेते हैं।

अंत में आता है सरगना
इन चोरी की गाड़ियों को लेने के लिए या तो गद्दू खुद आता है या फिर वह अपने किसी विश्वसनीय ड्राइवर को भेजकर उन गाड़ियों की नंबर प्लेट को बदलवाकर ले जाता है। गिरोह के सरगना शाकिब उर्फ गद्दू चोरी की फार्च्यूनर को 8-10 लाख रुपये में, स्कार्पियों को 5-6 लाख में, क्रेटा को 3-4 लाख में व ब्रेजा व स्विफ्ट को 1-2 लाख रूपये में ऑन डिमांड के आधार पर उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने अन्य साथी रोहित मित्तल, रंजीत, बप्पा को बेचकर पंजाब, जयपुर, मणिपुर, हैदराबाद जैसे स्थानों पर भेज दिया जाता है। गिरोह पहले सोतीगंज मेरठ में सक्रिय था। वहां पर जब पुलिस ने शिकंजा कसा तो गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर में वारदात करनी शुरू की।
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यह हुआ बरामद


दो फार्च्यूनर,दो स्कार्पियो ,दो क्रेटा, एक ब्रेजा, एक स्विफ्ट डिजायर,एक स्विफ्ट,एक ईको, कार चोरी करने में प्रयोग किए गए उपकरण,एक पिस्टल,तीन तमंचा, नौ ईसीएम, 29 चाबी,चार व्हील(अलग-अलग कारों के), तीन वायर कटर, दो प्लास,एक एलकी लॉक, पांच लॉक सेट, दो कार लॉक प्रोग्रामिंग पैड और एक कनेक्टिंग केबल आदि।
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