बिजनौर। समितियों के ऋण दर में बढ़ोत्तरी करने के विरोध, बकाया भुगतान कराने आदि मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने पर अफसर नहीं पहुंचने से गुस्साएं किसानों ने कलक्ट्रेट गेट के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया।
आंदोलित किसानों द्वारा जाम लगने की सूचना पर अफसर किसानों के पास पहुंचे और उनसे वार्ता की। लंबी जद्दोजहद के बीच कई दौर में वार्ता हुई। वार्ता में अभी तक समितियों पर तीन प्रतिशत ब्याज लेने आदि बिंदुओं पर सहमति बनी। फिर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू व कैलाश लांभा की अगुवाई में सोमवार को कलक्ट्रेट में किसानों ने धरना दिया। धरने पर हुई सभा में किसान नेताओं ने कहा कि किसान परेशान है। फसलों की सिंचाई के लिए नलकूपों को बिजली नहीं मिल रही है। चीनी मिलें बकाया भुगतान नहीं कर रही है। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि सहकारी समिति ब्याज दर बढ़ाकर सात प्रतिशत कर रही है। यह बर्दाश्त नहीं होगी। समितियों की ऋण दर तीन प्रतिशत ही रहेगी। धरने पर किसानों के सभी ज्वलंत मुद्दों को उठाया गया। धरने पर दोपहर तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचने पर किसान का गुस्सा बढ़ गया। आंदोलित किसानों ने कलक्ट्रेट के बाहर जाम लगाने की घोषणा की। कुछ देर बाद किसान सड़क पर पहुंचे और जाम लगा दिया। कुछ देर में ही एसडीएम, एआर कोआपरेटिव व अन्य विभागों के अफसर किसानों के पास पहुंचे और उन्हें मनाया। आंदोलित किसानों ने अधिकारियों को अपने बीच बैठाया और वार्ता की। काफी लंबी वार्ता बाद सहमति बन गई।
-इन बिंदुओं पर बनी सहमति
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार व कैलाश लंबा ने बताया कि सहकारी समितियों पर किसानों से ऋण का अभी तीन प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।
-निजी नलकूपों को निर्बाध नौ घंटे बिजली आपूर्ति मिलेगी।
-बिलाई मिल रोजाना बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करेगी।
धरने पर यह रहे उपस्थित
राजपाल सिंह भगतजी की अध्यक्षता एवं उदित कुमार के संचालन में हुई धरना सभा में रोहित कुमार, यशपाल सिंह, ब्रजपाल सिंह, गोविंद सिंह, इरफान, शकील अहमद, शूरवीर सिंह, नरेश कुमार, टिल्लू, गुड्डू, विजयपाल सिंह, नरेश कुमार आदि रहे।