महेंद्रगढ़। रेलवे रोड स्थित सरकारी खाद बिक्री केंद्र पर शनिवार को डीएपी के 1900 बैग आने की सूचना के बाद किसान उमड़ पड़े। केंद्र के कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे किसानों को लाइनों में लगाकर वितरण शुरू कर दिया।
कुछ समय बाद ही भीड़ के आगे सारी व्यवस्थाएं फेल हो गई। बीच लाइन में लगने को लेकर हंगामा हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे उपमंडल कृषि अधिकारी डाॅ. अजय यादव ने पुलिस को सूचना दी। इस पर तीन पुरुष व दो महिला पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को शांत कराया।
किसानों ने पुलिस कर्मचारियों के सामने ही खाद बिक्री केंद्र के कर्मचारियों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए फिर से हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को समझा बुझाकर लाइनों में लगाकर वितरण शुरू कराया। जब किसानों को केंद्र की ओर से एक आधार कार्ड व मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार एक बैग डीएपी व एक बैग टीएसपी का वितरण शुरू किया तो किसान फिर से भड़क गए।
एक किसान को दो बैग डीएपी देने की मांग करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इसके बाद उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय यादव व पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को उपलब्धता का हवाला देते हुए वितरण शुरू कराया। हैफेड कर्मचारियों के अनुसार किसानों को मेरी फसल मेरे ब्योरा पर ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार डीएपी दी जा रही है। एक किसान को एक से दो एकड़ पर एक डीएपी, तीन से पांच एकड़ पर दो डीएपी व एक टीएसपी तथा छह एकड से अधिक पर चार डीएपी व एक बैग टीएसपी दी जा रही है।
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सुबह छह बजे लाइन में लगा था। छह एकड़ ऑनलाइन रिकार्ड दर्ज है लेकिन उसे सिर्फ दो बैग खाद की मिल पाई है जबकि छह बैग की आवयश्कता थी। उसके साथ एक टीएसपी का बैग जबरदस्ती दे रहे हैं। मना करने पर नंबर रिजेक्ट कर लाइन से बाहर कर रहे हैं।- किसान रविकांत यादव, माजरा खुर्द
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तीन एकड़ में डीएपी की आवश्तायक है। सुबह सात बजे लाइन में लगा था। लाइन के बीच-बीच में कर्मचारी चहेतों को लगा रहे थे। लाइनों में लगे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मजबूरन धक्के खाने के बाद ही खाद नसीब हो पा रही है। - किसान श्रीपाल, खातोद
डीएपी के साथ टीएसपी जबरदस्ती किसानों को दी जा रही है। किसान को डीएपी खाद की आवश्यकता है। एक एकड़ में एक बैग डीएपी सरसों बिजाई से पूर्व जरूरत है। अब सरसों बिजाई शुरू हो चुकी है लेकिन किसान लाइन में खड़ा है। - किसान लीलाराम, खातोद
डीएपी के साथ टीएसपी दी जा रही। मना करने बाद उसे डीएपी देने से मना कर रहे। वह 15 किलोमीटर दूर से भूखा-प्यासा सुबह से लाइन में खड़ा हुं। जब नंबर आया तो कर्मचारियों की ओर से ऐसा कहा गया। इससे उसे परेशानी उठानी पड़ी। - किसान पवन, निवासी गांव जांट
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वर्जन
शुक्रवार और शनिवार को 1900 बैग डीएपी की केंद्र पर आई है। शनिवार से किसानों को वितरण कार्य शुरू कर दिया है। किसानों के हंगामे के बाद पुलिस कर्मचारियों के सहयोग से खाद वितरित की गई। एक किसान को तीन खाद के बैग दिए जा रहे। जिन किसानों के ऑनलाइन जमीन दर्ज हैं उसी के हिसाब से खाद उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार बैग की मांग भेजी है। उपलब्धता के आधार पर वितरण किया जा रहा है। - जगराम, प्रबंधक, हैफड, महेंद्रगढ़