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बंजर होती जमीन ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

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नूंह(अंतराम खटाना)। जिले में पिछले कई वर्षों से लगातार कम होती बारिश के कारण भूजल स्तर गिरता जा रहा है। पीने के पानी के साथ-साथ सिंचाई के लिए नहरी पानी का भी क्षेत्र में अभाव है। जिले के कई इलाकों में किसानों की जमीन बंजर होने लगी है। इसका मुख्य कारण कई वर्षों से नूंह ड्रेन में एनसीआर और फरीदाबाद से आ रहे केमिकल युक्त पानी को बताया जा रहा है।
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किसानों के मुताबिक इस बार उजीना ड्रेन में उम्मीद की अपेक्षा कम पानी आया है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजाई करने के बावजूद फसल ठीक से नहीं उग रही है। इसलिए अधिकतर किसान बेहाल हैं। किसान इस बारे में कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अनदेखी की जा रही है।
किसानों ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा मिट्टी की जांच के लिए सैंपल लिए गए लेकिन इससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। मुख्य रूप से अभी कंकर खेड़ी, रेवासन, छापड़ा, राहुका, हिलालपुर, भिरावटी, इंडरी, खेडा खलीपुर, खेड़ली दोसा, छपेड़ा, आलदौका, टांई, घासेड़ा, अड़बर, हुसैनपुर, सतपुतियाका, सूड़ाका, कोटला, रायपुरी, उजीना व गुंडवास सहित जिले के अन्य जगहों में यह समस्या है।
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जिले के किसान आज भी पीने और सिंचाई के पानी के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर है। इस समस्या के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बीरपाल सरपंच कालियाका, कमल सरपंच इंडरी, आसमोहम्मद घासेड़ा, फतेली सरपंच हुसैनपुर, शाहिद हुसैन पतरिया, हाजी यामीन, आबिद सरपंच सलंबा, हनीफ सरपंच फिरोजपुर नमक, साबिर सरपंच मालब, मुनेश फौजी उजीना सहित अन्य लोगों ने बताया कि सरकार को इस समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है।
विधानसभा में उठाया था मुद्दा :
नूंह के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता जाकिर हुसैन ने क्षेत्र की इस समस्या को अपने पूर्व के कार्यकाल में विधानसभा में जोरशोर से उठाया था। आफताब अहमद ने कहा कि वह भले ही विपक्ष में बैठे हैं। लेकिन क्षेत्र की इस समस्या के समाधान के लिए पूरा प्रयास करेंगे। वहीं कृषि विभाग के एसडीओ डॉक्टर अजीत सिंह ने बताया कि किसानों की इस जमीन से प्रशासन के आदेश पर कृषि विभाग द्वारा दो वर्ष पूर्व नूंह ड्रेन, उजीना ड्रेन के आसपास के गांवों से मिट्टी और नहरी पानी के सैंपल लिए गए थे, जिसमें परीक्षण के दौरान इसमें काफी मात्रा में केमिकल मिले थे। सरकार द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। (संवाद)
किसानों की यह समस्या जायज है। सरकार को इस ओर जल्द से जल्द ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि जिले के अधिकांश लोग खेती पर ही निर्भर है। - रणजीत नंबरदार, इंडरी।
सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। किसानों की इस समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर अनाज ही नहीं होगा तो दो रोटी के लिए भी तरसना पड़ेगा। - अख्तर चंदेनी, किसान।
जिला प्रशासन को बंजर हो रही जमीन की पहचान कर किसानों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए। आज किसानों के सामने यह बड़ा संकट है। - शेर खां किसान, निवासी अड़बर।
पहले कोटला, आकेड़ा, मेवली गांव में अच्छी पैदावार होती थी। लेकिन अब बारिश नहीं होने और खारे पानी से सिंचाई करने के कारण जमीन बंजर हो रही है। - जाकिर, समाजसेवी कोटला।
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