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ट्रैक्टर परेड के लिए किसानों ने किया रिहर्सल

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किसान आंदोलन की रिहर्सल करते ट्रैक्टर। - फोटो : Mewat
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ट्रैक्टर परेड के लिए किसानों ने किया रिहर्सल
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एमएसपी की गारंटी नहीं मिलने तक जारी रहेगा धरना
पुन्हाना। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले मेवात के सुनहेड़ा बॉर्डर पर 12 जनवरी से चल रहे किसान आंदोलन का शनिवार को 12वें दिन किसानों ने जुरहेड़ा राजस्थान से धरना स्थल सुनहेड़ा बॉर्डर तक सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ 26 जनवरी को दिल्ली कू च को लेकर रिहर्सल की। इसकी अगुवाई मौलाना अरसद मिलखेड़ा सहित अन्य किसान नेताओं ने की।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य रमजान चौधरी ने बताया कि शनिवार को सैकड़ों ट्रैक्टर व बाइक और निजी वाहनों के साथ जुरहेड़ा राजस्थान से धरना स्थल सुनहेड़ा बॉर्डर तक रिहर्सल की गई है। उसके बाद धरना स्थल पर हजाराें लोगों की आयोजित किसानों की सभा को किसान नेताओं ने संबोधित किया और 26 जनवरी को होने वाली परेड के बारे में समझाया।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीजेपी पूंजीपतियों की सरकार है और किसानों को कॉरपोरेट घरानो का गुलाम बनाना चाहती है, जो किसान किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं करेगा। यह आंदोलन देश के हिंदु, मुस्लिम सिख और इसाईयों को भारत से जोड़ने का आंदोलन है। वक्ताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालकर ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। इस संबंध में मोर्च की प्रबंधन कमेटी की बैठक हुई और सभी तैयारियों की जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।
इस मौके पर उमर मौहम्मद पाड़ला, अरशद ऐडवोकेट ने कहा कि शुक्रवार को जो सिंघु बॉर्डर पर संदिग्ध युवक पकड़ा गया है, इससे जाहिर होता है कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह बौखलाएं हैं। पिछले दो महीने से शांतिपूर्ण तरह से चल रहे आंदोलन में असामाजिक तत्वों को घुसाकर आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कितने भी हथकंडे अपना ले, लेकिन देश का किसान तब तक धरना से नहीं उठेगा, जब तक तीनों काले कानूनों को वापस नहीं ले लिया जाता और एमएसपी की गारंटी नहीं दी जाती है। इस मौके पर सिद्दीक अहमद मेव, रमजान चौधरी, मौलाना साबिर मजहरी आदि हजारों लोग मौजूद थे।
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पुलिस का रहा इंतजाम
किसानों के ट्रैक्टर रिहर्सल को देखते हुए पुलिस ने पूरी तैयारी की थी। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन की मशीनें लगाई थीं। किसानों की रिहर्सल खत्म होने के बाद पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।
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