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प्रशासनिक अनदेखी से महंगे दामों पर यूरिया खरीद रहे किसान

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प्रशासनिक अनदेखी से महंगे दामों पर यूरिया खरीद रहे किसान
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अंतराम खटाना नूंह। इंडरी व छपेड़ा स्थित यूरिया खाद केंद्रों पर यूरिया की आपूर्ति नहीं होने से पिछले करीब एक माह से किसान परेशान हैं। स्थिति यह है कि उन्हें प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर इसकी खरीद करनी पड़ रही है। नूंह जिले में रबी की मुख्य फसल गेहूं व सरसों का सीजन चल रहा है। सरकारी केंद्रों से यूरिया खाद का एक बैग 266.50 रुपये के करीब आता है। लेकिन कॉपरेटिव बैंक की सोसाइटी में यूरिया की आपूर्ति नहीं हो रही है। जिससे इंडरी खंड के किसानों को गुरुग्राम के सोहना व पलवल जिले के मंडकोला से 300 प्रति बैग की दर से खरीदना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन कोई समाधान नहीं कराया गया है। इंडरी गांव के सरपंच कमल पंवार, भरत सिंह, पोहप सिह, देवी सिंह, सुखराम आदि ने बताया कि खरीफ की फसल से ही यूरिया की किल्लत चली आ रही है। अब रबी की फसल के लिए भी खाद नहीं मिल रही। मजबूरन महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। इस समस्या से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैंकड़ों किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यूरिया की कालाबाजारी से इंकार नहीं किया जा सकता। किसानों के अनुसार उनके यहां पिछले कई महीने से यह समस्या बनी हुई है।
किसानों की यह समस्या जायज है, प्रशासन को इसके समाधान के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने की जरूरत है। अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो लोगों को परेशनी आएगी। - आजाद खान, किसान नेता
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निश्चित ही यह समस्या बहुत गंभीर है, कई बार इस बारे में किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया है। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया। - देवी सिंह, प्रधान इंडरी
इस समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। अभी पता चला है कि किसानों को कहां पर खाद की समस्या आ रही है। इसके समाधान के लिए कदम उठाया जाएगा। - जगन सिंह, जिला सचिव भाजपा
सरकार भले ही किसानों के विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। आज किसानों को उनकी जरूरत के लिए सरकार की ओर देखना पड़ रहा है, लेकिन सरकार उनकी समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। - आनंद, सरपंच आटा
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इस बारे में पता कर किसानों की समस्या का स्थायी रूप से समाधान कराया जाएगा। अगर किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रहा है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, जिला उपायुक्त
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