फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली कूच करने के लिए अड़े किसान चिल्ला बॉर्डर पर जमे, आने-जाने वालों के लिए आज संकट

Wed, 02 Dec 2020 12:15 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
विज्ञापन
नोएडा के सेक्टर-14ए स्थित चिल्ला बॉर्डर के रास्ते दिल्ली में धरना देने जाने से रोकने पर विरोध करते किसान... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिल्ली कूच के लिए मंगलवार दोपहर भारतीय किसान भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह सैकड़ों किसानों के साथ आगरा, मथुरा और जेवर, दनकौर होते हुए नोएडा के चिल्ला बॉर्डर तक पहुंच गए। ट्रैक्टरों और अन्य वाहनाें पर सवार होकर किसान चिल्ला बॉर्डर से दिल्ली में घुसने लगे तो दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग करके किसानों को रोक दिया और दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया।

विज्ञापन


शाम 4:30 बजे के बाद सड़क यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और किसान सड़क पर धरना देकर जम गए। इससे वाहन चालकों को दो से तीन घंटे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अगले आदेश तक नोएडा-दिल्ली आवागमन के लिए दोनों रास्ते बंद कर दिए गए हैं। किसान एक माह के राशन के साथ-साथ कपड़े व रजाई समेत सभी इंतजाम करके आए हैं।

इधर, किसानोें का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वह धरने से नहीं हटेंगे। दिल्ली पुलिस ने किसानों से वार्ता करके बुराड़ी जाने को कहा, लेकिन किसान संसद तक जाने की बात पर अड़ गए। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने सड़क पर जेसीबी खड़ी कर दी, ताकि किसान अगर ट्रैक्टरों से आएं तो जेसीबी को न हटा सकें। रात होने पर किसानों ने पुलिस से अस्थायी शौचालय और पानी आदि की मांग करते हुए खाना बनाकर खाया और वहीं डेरा डाल लिया।
विज्ञापन


ठाकुर भानु प्रताप सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून बनाए हैं और एमएसपी निर्धारित नहीं की है। इसके खिलाफ किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हैं और जब तक उनको संसद तक जाने नहीं दिया जाएगा, तब तक वह चिल्ला बॉर्डर पर ही बैठे रहेंगे। किसान नेता महेंद्र सिंह चौरोली का कहना है कि सरकार ने किसानों के हित में एमएसपी लागू नहीं की, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं और जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा।

दोपहर में आए किसानों को पुलिस ने लौटाया
किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल दोपहर में चिल्ला बॉर्डर पर पहुंचा था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रवेश नहीं दिया और वापस भेज दिया। कम संख्या में होने से किसानों को वापस लौटना पड़ा और फिर बड़ी संख्या में एकत्र होकर वापस आए।

बुराड़ी मैदान तक जाने की दी थी दिल्ली पुलिस ने इजाजत
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि किसानों से वार्ता हुई थी। किसानों का कहना था कि वह संसद तक जाएंगे जबकि पुलिस को बुराड़ी के मैदान तक पहुंचाने के आदेश हैं। किसान बुराड़ी मैदान तक जाने को तैयार नहीं थे और धरने पर बैठ गए।

वाहनों को डीएनडी व कालिंदी कुंज की ओर किया डायवर्ट
किसानों के चिल्ला रेगुलेटर पर पहुंचते ही लिंक रोड पर वाहनों की रफ्तार थम गई। ऐसे में एहतियात बरतते हुए ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत वाहनों को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट कर दिया। इसमें लिंक रोड से दिल्ली के अलावा शहर के भीतर जाने के लिए रूट तय किए गए। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय चिल्ला रेगुलेटर पर बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने से ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो गई।

जाम जैसे हालात हो गए। ऐसे में पीछे से आने वाले वाहनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट कर दिया गया। जाम को खत्म करने के लिए डीएनडी पर वाहनों को मोड़ा गया। इसके अलावा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को कालिंदी कुंज की ओर डायवर्ट कर दिया गया। दोनों रूट पर वाहन आराम से निकल गए। इसके अलावा शहर में जाने वाले वाहनों को सेक्टर-37 के पास से डायवर्ट कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें