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नकली घड़ियां बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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ब्रांडेड का लोगो लगाकर बेचे रहे थे नकली घड़ियां, तीन गिरफ्तार
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नोएडा। पुलिस ने ब्रांडेड कंपनी का लोगो लगाकर नकली घड़ियां बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 12,600 नकली घड़ियां मिली हैं। इन घड़ियों को फास्ट ट्रैक व टाइटन का लोगो लगाकर ऑनलाइन व ऑफलाइन बेचा जा रहा था। कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने इस मामले में कॉपी राइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार, कॉपीराइट व ट्रेडमार्क के लिए काम करने वाली कंपनी प्रोटेक्ट आईपी सोल्यूशन के जांच अधिकारी टीकेश्वर नाथ को पता चला कि नोएडा के सेक्टर-70 में नकली घड़ियों का गोदाम है। वहां पर फास्ट ट्रैक व टाइटन जैसी ब्रांडेड कंपनी का लोगो लगाकर घड़ियां बेची जा रही हैं। उन्होंने इसकी शिकायत कोतवाली फेज थ्री पुलिस से की थी। इसके बाद जब पुलिस ने जांच के बाद सेक्टर-70 स्थित गोदाम में छापा मारा। पुलिस ने जगतपुरी, दिल्ली निवासी नितिन गुप्ता और मंदीप नरूला व गढ़ी चौखंडी निवासी शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से पुलिस ने 12,600 टाइटन व फास्ट्रैक कंपनी के नाम से बनी हुई नकली घड़ियां बरामद की। इनकी कीमत लगभग 38 लाख रुपये है। एसपी सिटी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि नितिन गुप्ता और मंदीप नरूला मालिक हैं। शिवकुमार मैनेजर है। ये लोग कम कीमत पर नकली घड़ियां दिल्ली व अन्य स्थानों से खरीद कर लाते थे और नोएडा के सेक्टर-70 स्थित गोदाम में रखते थे। यहां इन घड़ियों पर टाइटन व फास्ट्रैक कंपनी का लोगो लगाते थे और इसे शॉपिंग साइट पर डालकर ऑनलाइन बेचते थे। लोगों से संपर्क कर ऑफलाइन भी बेचते थे।
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300 से 500 रुपये में बेचते थे घड़ी
कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि बेचने व खरीदने वाले दोनों लोगों को पता होता था कि ये घड़ियां नकली हैं। करीब 300 से 500 रुपये में इन घड़ियों को बेचा जाता था। ये लोग करीब चार महीने से नोएडा में यह काम कर रहे थे। पुलिस अब यह जानकारी जुटा रही है कि ये लोग घड़ियां व लोगो कहां से खरीद कर लाते थे।
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