नोएडा। सेक्टर-63 में चल रहे फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के मालिक दिनेशचंद को कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले के मास्टरमाइंड ओवैस आलम ने दिनेश के नाम से सेक्टर-63 में सेटअप लगाया था और उसकी आईडी पर टेलीकॉम कंपनियों से कनेक्शन लिए थे। ओवैस आलम इसके बदले दिनेश को प्रति महीने कुछ रकम देता था। पुलिस ने दिनेशचंद को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मई में कमिश्नरेट पुलिस ने सेक्टर-62 व 63 में चल रहे फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया था। यहां से बिना भारत सरकार की अनुमति के हजारों अंतरराष्ट्रीय कॉल को सर्वर के माध्यम से लोकल में बदला जा रहा था। इससे भारत सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। साथ ही देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा था। इस मामले में कोतवाली फेज थ्री में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
जांच में पता चला था कि यह फर्जी एक्सचेंज मेसर्स दिनेश इंटरप्राइजेज के नाम से चल रहा था। एक साल से अधिक समय से चल रहे इस एक्सचेंज के मामले में पुलिस ने ऑपरेटर अमूल्य को गिरफ्तार किया था, लेकिन दिनेश फरार हो गया था। कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में वांछित मथुरा निवासी दिनेशचंद को पुलिस ने सेक्टर-62 गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि वह पहले नोएडा की एक फैक्ट्री में काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात ओवैस व उसके साथियों से हुई थी। ओवैस ने उससे पहचान पत्र लिए थे और इसके बदले कुछ रकम हर महीने उसे देता था।
आर्किटेक्ट के घर से लाखों की जूलरी लेकर घरेलू सहायक फरार
पॉश सेक्टर-50 में एक आर्किटेक्ट के घर से घरेलू सहायक लाखों की जूलरी व नकदी लेकर भाग गया। मामले में कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-50 के सी ब्लॉक निवासी प्रमोद कुमार गुप्ता 9 जुलाई को पत्नी के साथ अल्मोड़ा गए थे। घर में उनका नौकर अकेला था। उसके पास घर और बेसमेंट की चाबी थी। 10 जुलाई की शाम दंपती अल्मोड़ा से घर पहुंचे तो सामान बिखरा पड़ा था और नौकर अमर भी गायब था। प्रमोद ने अमर पर लाखों की जूलरी व नकदी चुराने का आरोप लगाया है।