जारचा। राष्ट्रीय राजमार्ग-91 के दादरी स्थित लुहारली टोल पर फास्टैग की व्यवस्था पहले दिन फेल हो गई। पूरे दिन टोल प्लाजा पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। फास्टैग लगा होने के बाद भी वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।
वीआईपी लाइन नहीं होने के कारण अलीगढ़ की तरफ से टोल पर पहुंचे प्रदेश के राज्य मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह का काफिला भी करीब आधे घंटे तक जाम में फंसा रहा। इस बीच टोल प्रबंधन ने बीच-बीच में टोल फ्री कर वाहनों को निकाला। उधर सिकंदराबाद निवासी सपा एमएलसी जितेंद्र यादव ने जाम में फंसने के बाद टोल पर 15 मिनट तक फ्री कराए रखा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सोमवार की मध्यरात्रि से देश के सभी टोल प्लाजा पर फॉस्टैग की व्यवस्था लागू कर दी है। फास्टैग को लागू करने के लिए दादरी के लुहारली टोल प्लाजा पर भी विशेष व्यवस्था की गई थी। 24 अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया था। साथ ही टोल के दोनों तरफ 8 कंपनियों के कर्मचारियों को फॉस्टैग लगाने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन मंगलवार दोपहर सभी व्यवस्था फेल हो गई। टोल के दोनों तरफ एक-एक किमी तक वाहनों की कतार लग गई। टोल से बचाने के लिए वाहन चालकों ने गलत रास्तों का प्रयोग किया।
दादरी की तरफ से आने वाले वाहन टोल के पास गलत दिशा में चलकर लुहारली गांव से होकर जाने लगे। कुछ ही देर में लुहारली गांव और कोट पुल पर जाम लग गया। वहीं टोल पर फॉस्टैग लगाने वाली कंपनियों के कर्मचारी नहीं पहुंचे। इससे स्थिति और बिगड़ गई। बिना फास्टैग लगाने वाले वाहनों ने दोगुना टैक्स देने में आनाकनी की। बाद में टोल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गलत दिशा में चल रहे वाहनों को रोका। जबकि, दोपहर एक बजे करीब एक घंटे के लिए एक टोल बैरियर को फ्री कर वाहनों को निकाला। दिन में कई बार वाहनों को इस तरह निकाला गया।
एमएलसी के तेवर देखकर भागे टोलकर्मी
काफी देर तक जाम में फंसे रहने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे सपा के एमएलसी जितेंद्र यादव टोल प्लाजा पर पहुंचे। दादरी की तरफ से आ रहे एमएससी और उनके साथ मौजूद लोगों ने सभी टोल बैरियर को उठा दिया। करीब 15 मिनट तक टोल फ्री रखा गया। विधायक के तेवर देखकर टोल कर्मी वहां से गायब हो गए। सपा विधायक के जाने के बाद फिर से टोल वसूलना शुरू किया गया।
टोल पर नहीं तैनात नहीं थी पुलिस, हंगामे की सूचना के बाद पहुंची
एनएचएआई के निदेशक पीपी सिंह ने बताया कि फास्टैग की व्यवस्था लागू होने की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई थी। इसके बावजूद टोल प्लाजा पर पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था। इस कारण टोल पर फास्टैग की व्यवस्था ठीक नहीं हो सकी। वहीं टोल प्रबंधन ने बताया कि जाम लगने और हंगामे की सूचना के बाद पुलिस पहुंची थी।
फ्री और दोगुना टैक्स देने पर हुई नोकझोंक
टोल प्रबंधक अमरेंद्र झा ने बताया कि फास्टैग लगा नहीं होने वाले वाहनों से दोगुना टैक्स वसूला गया, लेकिन वाहन चालक दोगुना टैक्स देने को तैयार नहीं थे। काफी वाहन चालकों की टोल कर्मचारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। वहीं स्थानीय गांव के लोगों ने भी टोल देने से इनकार किया। इससे वहां जाम की स्थिति बन गई।
राज्य मंत्री ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
वहीं राज्य मंत्री ठाकुर रघुराज ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाया। साथ ही सभी लोगों से फास्टैग लगवाने की अपील की। बुलंदशहर जा रहे कैब चालक राघवेंद्र ने दोगुना टोल टैक्स दिया। दोगुना टोल देने के बाद उसे फास्टैग लगवाने की याद आई। उसका कहना है कि वह जल्द फास्टैग लगवा लेगा।