ग्रेटर नोएडा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूरजपुर कोतवाली में दर्ज रंगदारी और धमकी के मामले में आरोपी को राहत देते हुए उसके खिलाफ चल रही पूरी आपराधिक कार्यवाही निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो चुका है और ट्रायल कोर्ट भी समझौते का सत्यापन कर चुका है, ऐसे में आपराधिक कार्यवाही जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
मामले में सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद 23 मई 2025 को आरोपपत्र दाखिल किया था। प्रकरण अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय गौतमबुद्ध नगर की अदालत में लंबित था। आरोपी राजेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोपपत्र और समन आदेश समेत पूरी कार्यवाही निरस्त करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि राजेंद्र सिंह और विपक्षी के बीच विवाद का आपसी समझौता हो चुका है। संबंधित अदालत ने भी समझौते का सत्यापन कर दिया है। विपक्षी के अधिवक्ता ने समझौते की पुष्टि करते हुए कार्यवाही निरस्त किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति चवन प्रकाश ने रिकॉर्ड के आधार पर माना कि विवाद सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझ चुका है। ब्यूरो