महीनेभर बाद भी पार्टनरशिप के लिए नहीं आया एक भी आवेदन
नवीन फल मंडी में दुकानों में पार्टनरशिप के लिए महीनेभर पहले खुला था रास्ता
व्यापारियों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया है कठिन, अधिकारी बोले, सरकार द्वारा तय हैं नियम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले की नवीन फल एवं सब्जी मंडी में दुकानों के पार्टनर बनने के लिए महीनाभर बीतने के बाद एक भी आवेदन नहीं आया है। यूपी सरकार ने व्यापारियों के लिए पार्टनरशिप की योजना दिसंबर से शुरू कर दी थी। व्यापारियों के अनुसार जटिल और महंगी प्रक्रिया के चलते व्यापारी आगे नहीं आ रहे हैं।
सेक्टर 88 स्थित नवीन फल एवं सब्जी मंडी में करीब 250 से ज्यादा दुकानें हैं। इन दुकानों के जरिए सब्जी व फल का व्यापार पूरे जिलेभर में किया जाता है। महीनेभर में यहां से करोड़ों का कारोबार होता है। ऐसे में कई व्यापारियों ने इन दुकानों में मूल आवंटी के साथ पार्टनरशिप कर व्यापार में मुनाफा कमाने के लिए आग्रह पूरे प्रदेशभर में किया था। वहीं सरकार ने भी व्यापारियों के हित में कदम उठाते हुए बीते दिसंबर माह में ही पार्टनरशिप योजना की शुरूआत कर दी थी लेकिन अधिकारियों के अनुसार करीब एक महीना बीतने के बाद भी एक भी व्यापारी ने आवेदन नहीं किया है। इसका कारण बताते हुए व्यापारियों ने कहा कि सरकार ने जो योजना बनाई है, उसके आवेदन की प्रक्रिया जटिल होने के साथ-साथ महंगी भी है। इससे मुनाफा भी कम मिलेगा। साथ ही अधिकार भी कम मिल रहे हैं। वहीं पार्टनरशिप के लिए लगने वाला रुपया करोड़ों में है। एक व्यापारी के अनुसार जिस क्लास की दुकान में पार्टनरशिप होनी है, उसे सबसे महंगी नीलाम हुई दुकान की तय आवंटन मूल्य से पुराने मूल्य को घटाकर शेष रुपये समिति को जमा करने होंगे। यानी सी क्लास की दुकान के लिए व्यापारी को 6 करोड़ 11 लाख में से पुराने आवंटन की राशि (जो लगभग एक करोड़ से कम थी) उसे घटाकर बाकी पूरी राशि समिति को जमा करनी होगी। ऐसे में व्यापारियों को डर है कि यह घाटे का सौदा हो सकता है।
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पार्टनरशिप की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए, ताकि हर प्रकार के व्यापारी को लाभ मिल सके। -इरफान कुरैशी
मंडी समिति द्वारा पार्टनरशिप शुरू करने का सुनहरा मौका है लेकिन शर्तों में छूट मिलनी चाहिए। -शहनवाज निजाम
कड़ी शर्तों के चलते पार्टरनशिप मिलना कठिन है, यदि कुछ रियायतें मिलती हैं तो व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। -सुनील शर्मा
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मंडी की दुकानों में पार्टनरशिप के लिए व्यापारी आगे आ सकते हैं, नियमानुसार उन्हें पार्टनरशिप दी जाएगी। -पंकज शर्मा, मंडी समिति, फेज-2, गौतमबुद्ध नगर