- नए एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ रचा इतिहास, टीवी पर बेटे को जीतता देख मां की आंखें हुईं नम
आशीष शर्मा
यमुना सिटी। तीन दिन से बुखार में तप रहा शरीर, सामने अंतरराष्ट्रीय मुकाबला और दांव पर देश के लिए स्वर्ण पदक। मुश्किल हालात के बावजूद जेवर के गोविंदगढ़ निवासी पैरा एथलीट प्रवीण कुमार (23) का हौसला नहीं डिगा। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में उन्होंने पुरुषों की ऊंची कूद में 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया साथ ही नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इधर, जेवर में टीवी पर बेटे का मुकाबला देख रहीं मां निर्दोष देवी की नजरें स्क्रीन पर टिकी थीं। जैसे ही प्रवीण की जीत की खबर मिली उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
निर्दोष देवी ने बताया कि परिवार की प्रवीण से रोज सुबह-शाम बात होती है। बुधवार सुबह भी बातचीत के दौरान प्रवीण ने अपनी तबीयत खराब होने और तीन दिन से बुखार आने की जानकारी दी थी। इसके बावजूद वह मुकाबले के लिए तैयार थे। इधर घर पर मां और अन्य परिजन टीवी पर उनके प्रदर्शन को लाइव देख रहे थे। मुकाबले से पहले मन में घबराहट थी, लेकिन भरोसा था कि प्रवीण इस बार भी देश के लिए स्वर्ण जीतेंगे। बेटे की जीत ने परिवार की खुशी दोगुनी कर दी।
परिवार ने हाल में झेला अपनों को खोने का दुख
निर्दोष देवी ने बताया कि कुछ महीने पहले प्रवीण के चाचा और दादी का निधन हो गया था। इससे परिवार का माहौल गमगीन था। ऐसे समय में प्रवीण की इस उपलब्धि ने परिवार को खुशी का बड़ा मौका दिया है।
पैरालंपिक में भी जीत चुके हैं पदक
प्रवीण कुमार इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक 2020 में रजत और पेरिस पैरालंपिक 2024 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। पिछले एशियन पैरा गेम्स में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
पद्मश्री एथलीट और पद्मश्री कोच की जोड़ी
प्रवीण की सफलता में उनके कोच डॉ. सत्यपाल सिंह का अहम योगदान रहा है। द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सिंह को वर्ष 2025 में पद्मश्री से नवाजा गया था। कोच के मार्गदर्शन और लगातार मेहनत के दम पर प्रवीण ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। प्रवीण अर्जुन पुरस्कार और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित हैं। उन्हें भी पद्मश्री से सम्मानित किया जा जा चुका है।