इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को प्रोत्साहित करने और वाहन स्वामियों की सहूलियत के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने प्रत्येक व्यावसायिक भवन में ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्राधिकरण ने 15 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना का निर्णय लिया है। ईवी चार्जिंग स्टेशन के संचालन के लिए कंपनी की तलाश शुरू कर दी गई है। योजना के मुताबिक कंपनी को 10 साल का लाइसेंस दिया जाएगा। कंपनी इन स्टेशनों से होने वाली आय में का हिस्सा प्राधिकरण को सौंपेगी।
अधिकारियों के मुताबिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। करीब 50 मीटर से भी कम स्थान में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा सकते हैं। वाहन चालकों की जरूरत के मुताबिक इनमें एक से अधिक वाहन चार्जिंग करने के लिए नोजल उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा ई-वॉलेट से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चार्जिंग स्टेशन के लिए ऐसे स्थान चुने जा रहे हैं जहां वाहन बड़ी संख्या में आकर देर तक खड़े होते हो। जिससे चार्जिंग के दौरान चालकों को स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी नहीं हो और न ही उनका चार्जिंग में अधिक समय नहीं लगे।
इसके लिए सरकारी दफ्तरों के निकट जैसे सूरजपुर कलेक्ट्रेट, पुलिस ऑफिस, जिला न्यायालय के निकट, कासना, नॉलेज पार्क, सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र, साइट-4, साइट-5, तुगलपुर, रामपुर ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी गई है। दफ्तरों और पार्किंग की अधिकता के मद्देनजर सबसे पहले चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए कामर्शियल बेल्ट का चयन किया गया है।
सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलानी की योजना है। एयरपोर्ट को जोड़ने वाले रूट पर 100 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। बसों के स्टॉप के पास भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने की योजना है।
ईवी को प्रोत्साहित करने के लिए 100 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का निर्णय लिया है। इसमें जनवरी तक 15 स्टेशन शुरू हो जाएंगे। सभी व्यावसायिक भवनों में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए शुल्क आदि का निर्धारण जल्द कर लिया जाएगा। - प्रेरणा सिंह, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
स्लो, मीडियम और फास्ट चार्जिंग का मिलेगा विकल्प
आमतौर पर घरों में मिलने वाले बिजली से वाहनों की चार्जिंग धीमी होती है। यही कारण है कि ज्यादातर ई-वाहनों को रात भर चार्जिंग में लगाकर छोड़ना पड़ता है। प्राधिकरण की ओर से हर चार्जिंग स्टेशन पर तीन तरह के प्वाइंट बनाए जाएंगे। इसमें स्लो, मीडियम और फास्ट चार्जिंग के विकल्प होंगे। इसमें दो पहिया वाहन 20 मिनट से एक घंटे में और चार पहिया वाहन एक घंटे से ढाई घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाएंगे। चार्जिंग में लगने वाले समय के मुताबिक शुल्क भी निर्धारित होगा।