एक जुलाई से ईपीएफओ देशभर में केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली लागू करेगा। नई व्यवस्था से पीएफ क्लेम प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। पात्रता की तत्काल जांच होगी, गलत दावों में कमी आएगी और क्लेम निस्तारण वाले दिन तक का ब्याज खाताधारकों को मिलेगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) एक जुलाई से देशभर में केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली लागू करेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीएफ से जुड़े सभी रिकॉर्ड एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। इससे देश के किसी भी हिस्से से खाताधारकों का विवरण देखा जा सकेगा। साथ ही क्लेम निस्तारण की प्रक्रिया तेज होगी और तकनीकी कारणों से होने वाले दावों के रिजेक्शन में भी भारी कमी आने की उम्मीद है।
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क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम सुयश पांडे ने बताया कि अभी तक क्लेम प्रक्रिया में कई स्तरों पर जांच और अलग-अलग विंडो होने के कारण अधिक समय लगता था। नई केंद्रीकृत प्रणाली लागू होने के बाद यह प्रक्रिया सरल होगी और क्लेम का निस्तारण पहले की तुलना में काफी तेजी से हो सकेगा।
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उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में कर्मचारी जैसे ही क्लेम के लिए आवेदन करेगा, उसी समय सिस्टम यह बता देगा कि वह क्लेम के लिए पात्र है या नहीं और यदि पात्र है तो कितनी राशि तक का दावा कर सकता है। इससे अपात्र या गलत आवेदन आगे प्रोसेस नहीं होंगे, जिसके कारण क्लेम रिजेक्शन रेट में कमी आएगी।
नई प्रणाली का एक और बड़ा लाभ यह होगा कि क्लेम का निस्तारण जिस दिन होगा, उसी दिन तक का ब्याज खाताधारक को मिलेगा। यह व्यवस्था एक जुलाई से पीएफ से जुड़े सभी प्रकार के दावों पर लागू होगी।