नोबल बैंक के सीईओ को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ईओडब्ल्यू
ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े में नोबल बैंक के सीईओ विजय कुमार शर्मा की गिरफ्तारी को निवेशक बड़ी कार्रवाई मान रहे हैं। वहीं, मेरठ ईओडब्ल्यू की टीम आरोपी से अन्य राज जानने के प्रयास में है। इस कारण ईओडब्ल्यू जेल से आरोपी को रिमांड पर लाकर फिर पूछताछ करेगी।
बाइक बोट के कोट स्थित दफ्तर पर निवेशकों के साथ धरना दे रहे मुन्ना बालियान ने आरोप लगाया कि संजय भाटी के फरार होने के बाद देशभर के निवेशक रुपये वापस मांगने के लिए कंपनी पर दबाव बनाने लगे थे। उस दौरान आरोपी करनपाल, संजय भाटी के भाई सचिन भाटी, पवन भाटी आदि रुपये मांगने पहुंच रहे निवेशकों को इसी नोबल बैंक के अग्रिम तिथि के चेक थमा रहे थे। निवेशक इन चेकों की विश्वसनीयता परखने के लिए बैंक पहुंचे तो कर्मी और अधिकारियों ने असलियत बताने के बजाय टरका दिया। वे निवेशकों को यह कहकर वापस भेजते रहे कि जो तिथि चेक पर दी गई है, उसी तिथि पर आकर भुगतान लेना। जबकि चेक पर आरोपियों ने दो-तीन माह बाद की तिथि लिखी थी। इससे फर्जीवाड़े में न केवल बैंक के सीईओ, बल्कि अन्य की भी भूमिका संदिग्ध लग रही है। पूरे मामले की पड़ताल के लिए ईओडब्ल्यू सीईओ से गहन पूछताछ करना चाहती है। आरोपी सीईओ की गिरफ्तारी करने वाले निरीक्षक बिजेंद्र भडाना ने बताया कि आरोपी से अन्य की भूमिका व फर्जीवाड़े की रकम आदि के संबंध में पूछताछ की जानी है। फिलहाल, आरोपी को जेल भेज दिया गया है। जल्द रिमांड पर लाकर पूछताछ की जाएगी।