प्रदूषण के खिलाफ जंग में उद्यमी भी साथ आए
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। प्रदूषण से बिगड़ रही एनसीआर की आबोहवा को सुधारने के लिए सख्ती के साथ जागरूकता का सहारा लिया जा रहा है। इस जंग में सरकार के साथ उद्योग भी कदमताल करने को तैयार हैं। नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) ने जिले के सभी उद्योग प्रबंधकों को पत्र लिखकर कार पुलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की अपील की है। उधर, नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-1 से 5 के अंतर्गत प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए शुक्रवार को 21 टैंकरों से पानी का छिड़काव किया गया। प्राधिकरण की टीम ने जोनल रोड नंबर-3, जोनल रोड नंबर-8, सेक्टर-18 जी ब्लॉक, सेक्टर-71-72, 51-52, एफएनजी रोड, सेक्टर-62, 63, 64, 65 सहित वर्क सर्किल-5 के कई स्थानों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव किया गया।
दिल्ली के आसपास के इलाकों में स्थिति खतरनाक
दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण से खतरनाक स्थिति बन गई है। पराली जलाने से हुई धुंध को प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह माना जा रहा है। साथ ही, वाहनों और उद्योगों को भी इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 तक सामान्य है, लेकिन दो दिन पहले नोएडा में यह 300 से ऊपर पहुंच गया था। एनसीआर के लिए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली की सड़कों पर 4 नवंबर से सम-विषम फॉर्मूला फिर से लागू होने जा रहा है। दिल्ली में हुई बैठक में 22 अक्तूबर तक जेनरेटर प्रयोग का विकल्प तैयार रखने को कहा गया है। इसके लिए सिर्फ चार दिन बचे हैं।
कार्यस्थल एक तो एक ही वाहन अपनाएं
एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि जिले के सभी उद्योग प्रबंधकों को पत्र सर्कुलर जारी कर निजी वाहनों का प्रयोग कम से कम करने की अपील की गई है। अलग-अलग वाहन छोड़कर एक वाहन में अपनी सुविधानुसार तीन से चार लोगों को कार्यस्थल पर पहुंचने के लिए कंपनियों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आईटी कंपनियों को फिलहाल वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने के लिए कहा गया है।
शटल सेवा का सहारा लेंगी कंपनियां
चार नवंबर से दिल्ली में सम-विषम का नियम लागू होने जा रहा है। नोएडा से आवाजाही करने वाले कर्मचारियों की सुविधा के लिए शटल सेवा का विकल्प अपनाया जाएगा। मेट्रो स्टेशनों के आसपास कई आईटी कंपनियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। सेक्टर-126 स्थित एचसीएल कंपनी भी ओखला पक्षी विहार मेट्रो स्टेशन से कंपनी परिसर के बीच शटल सेवा शुरू करेगी। सेक्टर-58, 59 और 62 की कई आईटी कंपनियां भी इस विकल्प पर काम करने में जुट गई हैं।
छाया स्मॉग, खतरा बढ़ा
शहर का मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम और प्रदूषण दोनों एक दूसरे को प्रभावित कर रहे हैं। प्रदूषण के असर से शहर में स्मॉग छाने लगा है। शुक्रवार को शाम चार बजे से ही स्मॉग का असर दिखने लगा था। तापमान में कमी और प्रदूषण के मिले जुले प्रभाव से बने स्मॉग के कारण सड़कों पर चार बजे से ही देर शाम जैसा नजारा दिखाई देने लगा। गौरतलब है कि जब तापमान में कमी का दौर शुरू होता है या ठंड का आगमन होता है, तो आमतौर पर कोहरा बनता है। लेकिन जब यह कोहरा प्रदूषण से मिल जाता है तो स्मॉग की स्थिति पैदा होती है। शुक्रवार को शहर का एक्यूआई 241 दर्ज किया गया, जो बिगड़ी हुई स्थिति का सूचक है। वहीं पीएम2.5 एवं पीएम10 की स्थिति भी लगातार चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि यह पिछले कुछ दिनों की तुलना में बेहतर है।