नोएडा। सरकारी कार्यप्रणाली से त्रस्त उद्यमियों ने एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के बैनर तले बैठक की। इसमें निर्णय लिया कि यदि सरकारी विभागों द्वारा उद्यमियों को बेवजह परेशान करना बंद नहीं किया गया तो 31 मार्च तक कंपनियों में ताला डाल देंगे। उद्यमियों ने एक पत्र मुख्यमंत्री के नाम भी भेजा।
संस्था के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने बताया कि सरकारी विभागों द्वारा अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है। कई उद्यमियों को विद्युत निगम ने नोटिस भेजे हैं। बिल जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च है। भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है।
जल/सीवर के बिल अर्थदंड व ब्याज के साथ भेज दिए गए हैं। जबकि, 43 साल से औद्योगिक सेक्टर में पीने लायक पानी की सप्लाई तक नहीं हो सकी है। जीएसटी विभाग में ए-वन दाखिल नहीं हो रहा है। इससे सेल-परचेज प्रभावित हो रहा है। बैंकों ने उद्यमियों को कर्जदार बना दिया है।
किस्तें जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। एनबीएफसी मनमाना ब्याज वसूल रहा है। उन्होंने बताया कि कच्चा माल महंगा होता जा रहा है। आर्थिक बोझ और प्रताड़ित होने से बेहतर है कि उद्योगों को ताला लगा दिया जाए। बैठक में विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर भी चर्चा की गई। मौके पर केबी मेहंदीरत्ता, अभिषेक जैन, शिव कुमार राणा, पीएस सोलंकी, अजय गुप्ता, सुशील कुमार आदि सैकड़ों उद्यमी मौजूद रहे।
यूपीसीडा ने चलाया अतिक्रमण के खिलाफ अभियान
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के तकरीबन सभी क्षेत्र व सेक्टर में अतिक्रमण फैला है। उद्यमियों के शिकायत पर संज्ञान लेकर मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र साइट पांच में अतिक्रमण के खिलाफ यूपीसीडा ने बुलडोजर चलाया। कार्रवाई पर दुकानदारों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। कुछ दुकानदारों ने स्थायी निर्माण कर लिया था, उन्हें तोड़ दिया गया। साइट पांच में कासना से जेल रोड पर विभिन्न स्थानों पर लगे अवैध बैनर व होर्डिंग उतार दिए गए।
यूपीसीडा ने चेतावनी दी है कि दोबारा अतिक्रमण किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूपीसीडा सूरजपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल शर्मा ने बताया कि किसी भी हाल में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही अन्य सेक्टरों में भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। साइट पांच व चार के बाद साइट बी व सी में भी अभियान चलाया जाएगा।