फेज-1 थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से बिहार के छपरा निवासी सुरेंद्र शर्मा परिवार सहित हरौला गांव में किराए पर रहते हैं। वह केयर टेकर का काम करते हैं। परिवार में पत्नी संजू देवी, बेटियां ज्योति और जूली शामिल हैं। बरेली निवासी हरे नाम यादव उम्र करीब 24 साल पास में किराए पर रहकर एसी सर्विसिंग की दुकान चलाता है। हरे नाम का सुरेंद्र की बेटी के साथ एकतरफा प्यार में था। कुछ समय पहले युवती के परिवार के सामने शादी का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन परिवार ने इस रिश्ते से इनकार कर दिया था।
शनिवार रात परिवार के चारों सदस्य मकान की पहली मंजिल की छत पर सो रहे थे। आरोप है कि देर रात हरे नाम वहां पहुंचा और सो रहे परिवार पर अचानक छुरे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसमें 40 वर्षीय संजू देवी के शरीर पर कई वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ज्योति के सीने में चाकू लगा, जबकि उसकी बहन जूली के पैर में चोट आई है। सुरेंद्र शर्मा भी हमले में घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पिता- बेटियों की हालत गंभीर है, एक बेटी आईसीयू में है।
वहीं सूचना मिलने पर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना कि आरोपी का नाम प्रकाश में आ चुका है। एकतरफा प्रेम व आरोपी सिरफिरा है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जा रही है। हत्या और हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी फेज-1 थाना पुलिस ने दर्ज की है। थाना प्रभारी अमित मान ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि आरोपी सिरफिरा किस्म का है। छुरानुमा बड़ा चाकू उसने हाथ में लिया हुआ था जिससे हमला किया है।
पहले भी तुड़वा चुका था युवती का रिश्ता, हंगामा कर परिवार पर बनाता था दबाव-
पुलिस को स्थानीय लोगों ने बताया है कि आरोपी हरे नाम लंबे समय से सुरेंद्र की बेटी पर शादी का दबाव बना रहा था। सुरेंद्र ने बेटी का रिश्ता कहीं और तय किया था लेकिन आरोपी ने उस रिश्ते को भी तुड़वा दिया था। पड़ोसियों ने बताया है कि आरोपी हंगामा कर परिवार पर दबाव बनाता था। चाल-चलन सही न होने की वजह से सुरेंद्र अपनी बेटी का रिश्ता करने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। सुरेंद्र के परिवार ने उससे दूरी बनाने की कोशिश की, जिसके बाद से वह और अधिक नाराज रहने लगा था।आरोपी पहले उसी मकान के बगल में रहता था, जहां वर्तमान में पीड़ित परिवार रह रहा है। कुछ समय पहले उसने अपना कमरा बदल लिया था। लोगों का कहना है कि वारदात से पहले उसने कमरे से अपना अधिकतर सामान भी हटा लिया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से हमला किया है।
आखिर वार तक महिला ने किया बेटियों और पति को बचाने का प्रयास-
जिस बिल्डिंग में पीड़ित परिवार रह रहा है वह बहुमंजिला है। पास में भी ऐसी ही बहुमंजिला बिल्डिंग है। इनमें एक-एक कमरा किराए पर लेकर आस-पड़ोस की कंपनियों में काम करने वाले सैकड़ों श्रमिक परिवार के साथ रहते हैं। हमले में घायल सुरेंद्र की छोटी बेटी से पुलिस को अहम जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक उसने बताया है कि पूरा परिवार बरामदे और खुले हिस्से में सोया हुआ था। मुख्य दरवाजा बंद था। आरोपी छत के रास्ते दूसरे दरवाजे से आया और अचानक हमला कर दिया।
पहले हमला सुरेंद्र पर किया पिता को बचाने के लिए बड़ी बेटी आगे आई जिस पर भी हमला कर दिया। आरोपी के हाथ में छुरे जैसा बड़ा चाकू था। बेटी और पति को बचाने के लिए संजू देवी आगे आई। संजू ने आरोपी को बेटी और पति पर हमला करने से रोका और शोर मचाते हुए पीछे धकेलने लगी। इस पर आरोपी ने उनके गर्दन पर धारदार वार कर दिया। फिर वह बेसुध होकर गिर पड़ी और इतने में भीड़ जुटने लगी और शोर भी मचने लगा। खुद को घिरने के डर से आरोपी भाग निकला।
यह भी बताया गया है कि हमले से पहले आरोपी ने बिल्डिंग में काफी देर तक हंगामा किया। लोगों का कहना है कि वह धारदार हथियार लेकर इधर-उधर घूम रहा था और जोर-जोर से चिल्ला रहा था। कई लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। इसके कुछ देर बाद वह सीधे उस छत पर पहुंच गया, जहां पीड़ित परिवार सो रहा था। घटना के बाद पूरी बिल्डिंग में डर और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पहले शराब तस्करी समेत अन्य मामलों में जेल जा चुका है।
डॉयल-112 पर आई सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम को सेक्टर-5 हरौला में सो रहे परिवार पर धारदार हथियार से हमले की जानकारी हुई। घायल पति-पत्नी व दो बेटियों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती इलाज के दौरान महिला को डॉक्टर ने मृत घोषित किया। आरोपी का नाम भी प्रकाश में आया है जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। - मनीषा सिंह, एडीसीपी, नोएडा।