आईआईए में चयन न होने से दुखी एक इंजीनियर ने अपने अपहरण का नाटक रचा और अपनी जिंदगी को खत्म करने के इरादे से ट्रेन में सवार हो गया लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसे जयपुर से ढूंढ निकाला। युवक ने 2017 में दिल्ली के एक संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियर में बीटेक किया था और नोएडा की एक कंपनी में नौकरी कर रहा था। लॉकडाउन में वह घर से कार्य कर रहा था।'
पुलिस के अनुसार वह आईआईए अहमदाबाद से एमबीए करना चाहता था लेकिन दो प्रयास के बाद भी चयन न होने से परेशान था। उसने अपना जीवन खत्म करने की सोची और अपहरण का नाटक रच ट्रेन में सवार हो गया। अपहरण का मैसेज मिलने के बाद उसके पिता ने 19 जुलाई को शिकायत दी थी।
युवक के पिता ने अपनी शिकायत में कहा कि उनका बेटा 19 जुलाई की शाम एटीएम पर गया था लेकिन वापस नहीं लौटा और उसके मोबाइल पर संपर्क नहीं हो रहा है। इसके बाद रात करीब आठ बजे उनके मोबाइल पर संदेश आया और अपहरणकर्ता ने युवक को छोड़ने के लिए अगले दिन तक पांच लाख रुपये मांगे। इस शिकायत के आधार पर थाना बुद्ध विहार पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच की थी।
डीसीपी प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि बुध विहार थाने में एक परिवार ने 24 वर्षीय बेटे के अपहरण की बात बताई थी। स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह और एसएचओ खेमेंद्र पाल की टीम ने उस रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद सीडीआर निकाली तो अंतिम लोकेशन सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन मिली।
जांच में यह भी पता चला कि युवक के पास एक अन्य मोबाइल भी था जिसका नंबर घर वालों के पास नहीं था। यह फोन रात 8.47 पर सराय रोहिल्ला स्टेशन पर सक्रिय था। स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज में संपर्क क्रांति के अनारक्षित डब्बे में जाता हुआ दिखा। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने जीआरपी जयपुर से साझा की गई और युवक की पहचान के बाद उसे जयपुर से दबोच लिया गया।
इसके बाद दिल्ली पुलिस परिजनों के साथ उसे जयपुर से ले आई। उसने पुलिस को बताया कि आईआईएम में चयन न होने से वह अवसाद में था और ट्रेेन से कूदकर जान देना चाहता था। उसने घर वालों को भ्रमित करने के लिए अपहरण का नाटक रचा और मैसेज किया।