नोएडा में बुधवार को एक मज़दूर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि सेक्टर 63 में एक कंपनी के बाहर 10-15 पुलिसकर्मियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। यह घटना तब हुई जब मज़दूर कंपनी के फिर से खुलने का संदेश मिलने के बाद वहां पहुंचे। मज़दूर और कई अन्य लोग कंपनी परिसर में जमा हुए थे। लेकिन उन्हें बताया गया कि कंपनी अभी भी बंद है। मजदूर ने दावा किया कि मंगलवार की रात को काम फिर से शुरू होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद बुधवार को वह और अन्य लोग कंपनी पहुंचे थे। हालांकि, उनके पहुंचने पर कंपनी ने उन्हें बताया कि कंपनी अभी भी बंद है।
कथित हमला और मजदूर का बयान
मजदूर ने दावा किया कि हमला एक पुलिस गाड़ी के अंदर हुआ। उसने बताया कि उसने एक वीडियो बनाया था क्योंकि कुछ पुलिसकर्मी दो लोगों को ले गए थे। वीडियो बनाते देख पुलिसकर्मियों ने उसे अपनी गाड़ी के अंदर ले लिया। वहां पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। मजदूर ने मिन्नतें की, जिसके बाद उसे जाने दिया गया।
पुलिस कमिश्नर का बयान और सरकारी पहल
इससे पहले, नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को बताया था कि उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध नगर जिले में मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। 83 विरोध स्थलों में से केवल दो जगहों पर हिंसा हुई। एक उच्च-स्तरीय सरकारी समिति ने मज़दूरों के लिए अंतरिम वेतन वृद्धि की घोषणा की है। सरकार ने उनकी स्थितियों को देखते हुए एक वेतन बोर्ड भी बनाया है।