सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एल्विश सांप की गर्दन दबाकर अपने मुंह के करीब ले जाते हुए यह कहते दिख रहा है कि ‘ये है रियल कटारिया... टेंशन मत लो मेरा साथी है’।
रेव पार्टी में नशा और सांपों की तस्करी के आरोपों की बेशक पुलिस और वन विभाग की टीम जांच करने और साक्ष्य तलाशने में जुटी है, लेकिन बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के सांपों से खिलवाड़ करते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
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यह वीडियो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन कर रहे हैं और केस में पुख्ता सबूत बन सकते हैं। इस अपराध में दोष सिद्ध होने पर दोषी को एक से लेकर सात साल तक की सजा हो सकती है। शनिवार को वह वीडियो भी सामने आ गया। जिसे देखकर पीएफए ने मामले की पड़ताल शुरू की।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एल्विश सांप की गर्दन दबाकर अपने मुंह के करीब ले जाते हुए यह कहते दिख रहा है कि ‘ये है रियल कटारिया... टेंशन मत लो मेरा साथी है’।
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सांपों को पकड़ना, उनसे खेलना या खिलवाड़ करना या फिर मनोरंजन, आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना भी गैरकानूनी है। यह वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है।
आरोप है कि एल्विश वीडियो बनाने के लिए सांपों का इस्तेमाल करता है। वह सपेरों से संपर्क कर सांपों का बंदोबस्त करता है। इस वीडियो में जिस तरह से सांप को पकड़कर वीडियो शूट किया जा रहा है, वह कोई आम इंसान नहीं कर सकता। ऐसा कोई प्रशिक्षित व्यक्ति ही कर सकता है।
पार्टी में जुआ-सट्टा चलने का भी आरोप
सौरभ का कहना है कि इस वीडियो में जुआ और सट्टा चलने की बात भी सामने आई थी। तभी उन्होंने गुरुग्राम पुलिस को शिकायत दी थी। उन्हें जहां वीडियो शूट किया गया, गुरुग्राम के उस थाना क्षेत्र की जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने गुरग्राम पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी और खुद मामले की तह तक जाने के प्रयास में जुट गए।
गुरुग्राम में 15 अक्तूबर को दी गई थी तहरीर
नोएडा में केस दर्ज कराने से पीएफए के गौरव गुप्ता के भाई सौरभ ने बताया कि रियल कटारिया वाला आधे घंटे से अधिक का वीडियो है। इसमें वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के गुरुग्राम में शूट होने की जानकारी पर 15 अक्तूबर को पुलिस कमिश्नर गुरुग्राम को ईमेल के माध्यम से तहरीर दे दी गई थी, लेकिन तब एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अब नोएडा में खुलासे के बाद उस मामले में भी जांच शुरू की गई है।
मामले की जांच पुलिस और वन विभाग की टीम कर रही है। सोमवार को पकड़े गए सांपों को जंगल में छोड़ा जाएगा। वहीं, बरामद किए गए सांप के जहर को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा। सांपाें को पकड़ना और उन्हें परेशान करना वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है। - पीके श्रीवास्तव, जिला वन अधिकारी