रेव पार्टी में सांपों का जहर सप्लाई करने के मामले में बिग बॉस विजेता एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एल्विश के गले में सांप वाले कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस वायरल वीडियो के आधार पर एल्विश की गिरफ्तारी भी हो सकती है। प्रतिबंधित सांपों के साथ खेलना भी वन्य जीव अधिनियम के तहत गैरकानूनी है।
बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज केस में गिरफ्तार पांच आरोपियों से बरामद नौ में से पांच कोबरा की विष ग्रंथि निकाल ली गई थी। डिप्टी सीवीओ के पैनल के किए गए मेडिकल परीक्षण में यह खुलासा हुआ है। कोबरा शेड्यूल-एक श्रेणी का जीव है और विष ग्रंथि निकालना क्रूरता की श्रेणी में आता है।
विज्ञापन
इस अपराध में दोष सिद्ध होने पर दोषी को सात साल तक की सजा हो सकती है। शेष बरामद चार सांप विषैले नहीं है। सभी सांपों को न्यायालय से अनुमति लेकर जंगल छोड़ दिया गया है। पीएफए सदस्य गौरव गुप्ता और सौरभ गुप्ता के स्टिंग के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने सेक्टर-49 थाना क्षेत्र से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले में वायरल ऑडियो और वीडियो के आधार पर पुलिस एल्विश यादव को भी नामजद कर जांच कर रही है। सोमवार को बरामद किए गए सभी नौ सांपों का वन विभाग के अधिकारियों ने डिप्टी सीवीओ के पैनल से मेडिकल परीक्षण कराया। इसमें पता चला कि बरामद किए पांच सांपों की विष ग्रंथि निकाली गई थी।
विज्ञापन
आरोपियों ने कोबरा की विष भी निकाल लिया था। यह पुलिस और वन अधिकारियों के जांच का विषय है कि निकाले गए विष का आरोपी क्या करते थे। आरोपियों से पुलिस ने विष भी बरामद किया था। आरोपियों पर रेव पार्टी आदि में विष बेचने के भी आरोप लगे थे।
एल्विश यादव की गिरफ्तारी के आसार
रेव पार्टी में सांपों का जहर सप्लाई करने के मामले में बिग बॉस विजेता एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एल्विश के गले में सांप वाले कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस वायरल वीडियो के आधार पर एल्विश की गिरफ्तारी भी हो सकती है। प्रतिबंधित सांपों के साथ खेलना भी वन्य जीव अधिनियम के तहत गैरकानूनी है। नोएडा पुलिस और वन विभाग की टीम जांच कर रही है।
सांपों का जहर रेव पार्टी में सप्लाई करने के मामले में एल्विश पर धीरे-धीरे वन विभाग और नोएडा पुलिस शिकंजा कस रही है। एल्विश के खिलाफ पुलिस सांपों का जहर सप्लाई करने और रेव पार्टी आयोजित करने के साथियों की तलाश में जुटी हुई है। वहीं, बताया जा रहा है कि एल्विश की गिरफ्तारी के लिए गले में सांप वाला वीडियो ही काफी है। वन्य जीव अधिनियम के तहत किसी भी जंगली जानवर या प्रतिबंधित जानवरों के साथ खेलना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
बताया जा रहा है कि सबसे पहले एल्विश पर इसी मामले में नोएडा पुलिस शिकंजा कस सकती है। हालांकि यूट्यूबर की अन्य भूमिकाओं पर भी पुलिस की पैनी नजर है और परत दर परत इसकी तलाश की जा रही है। जांच में चाहे जो भी तथ्य सामने आए लेकिन गले में सांप लटकने के मामले में एल्विश के खिलाफ नोएडा पुलिस कड़ा एक्शन ले सकती है।
गिरफ्तार सपेरों के पास नहीं मिला लाइसेंस
नोएडा पुलिस ने जिन पांच सपेरों को नौ सांपों के साथ गिरफ्तार किया था। इनके पास सांप दिखने का कोई लाइसेंस भी नहीं मिला है। वन विभाग की तरफ से कुछ सांपों के लिए लाइसेंस भी दिया जाता है। पुलिस अब इस मामले में विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है और इसके बाद फिर में अलग धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
वन विभाग करेगा वीडियो की जांच
एल्विश के गले में सांप वाली वीडियो की वन विभाग भी जांच कर रहा है। इस मामले में जिला वन अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद एल्विश के खिलाफ विभाग में भी एचटू केस दर्ज किया जाएगा। दोषी पाए जाने के बाद इसमें तीन वर्ष की सजा हो सकती है।