निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर बिजली विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना मीटर रीडिंग लिए ही मनमाने तरीके से बिल तैयार कर दिए जाते हैं, जिससे वास्तविक खपत से कई ज्यादा अधिक राशि वसूल की जा रही है। परेशान निवासियों ने अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सामूहिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निवेशक क्या बोले
फ्लैट पूरी तरह खाली है, फिर भी करीब 3000 रुपये का बिल आ रहा है। यह पूरी तरह गलत है। इससे हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे तुरंत ठीक करने की मांग की गई है। -प्रदीप सिंह, निवेशक
बिजली विभाग बिना रीडिंग लिए अपने हिसाब से बिल बना देता है, इसी वजह से लोगों के बिल जरूरत से ज्यादा आ रहे हैं। इसकी सही जांच होनी चाहिए। -किशोर चंद, निवेशक
एसोसिएशन अधिकारी का बयान
सोसाइटी निवासियों की शिकायतें हमारे संज्ञान में हैं। कई फ्लैट्स के बिल को लेकर सवाल उठे हैं। बिजली विभाग से बात की जा रही है। मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की जांच कराकर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। -राकेश त्रिपाठी, अध्यक्ष, सेक्टर 22-डी सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन