- कैबिनेट से मंजूरी मिलने से तेजी आने की उम्मीद लेकिन जमीन की बाधाएं भी करनी होंगी दूर
ग्रेटर नोएडा। गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए प्रस्तावित जेवर लिंक एक्सप्रेसवे पर काम तेज हो सकेगा। इसके लिए कैबिनेट मंजूरी मिल गई है। हालांकि, इससे पहले जमीनों की बाधाएं दूर करनी होंगी।
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण यूपीडा द्वारा ईपीसी पद्धति पर किया जाना है। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण दो पैकेज में होना है। तीन साल में इस निर्माण काे पूरा किया जाएगा। वहीं पांच साल तक इसका रखरखाव निर्माण एजेंसी को ही करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से जेवर क्षेत्र और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। निर्माण तेजी से पूरा हो। इसके लिए 92 प्रतिशत जमीन यीडा क्षेत्र में ली जा चुकी है। कुछ जगहों पर निर्माण या किसान से सहमति नहीं बन पाने की वजह से जमीन खरीद बाकी है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक टली
मंगलवार की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के मामले में समीक्षा बैठक रखी थी। अधिकारियों ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग स्थगित हो गई है। ब्यूरो