ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार भी जबरदस्त सख्ती है। इसी वजह से करीब पांच फीसदी से अधिक विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। मंगलवार और बुधवार को हुई परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अब तक 1991 छात्र-छात्राएं परीक्षा छोड़ चुके हैं। इनमें मेडिकल और गंभीर समस्याओं के अलावा बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी भी हैं जिनकी या तो तैयारी पूरी नहीं थी या फिर वह किसी जुगाड़ के भरोसे थे।
गुणवत्ता परक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने 2018-19 सत्र से ही नकल पर रोक लगाने के लिए जबरदस्त सख्ती कर दी थी। इसके चलते पिछले वर्ष भी बड़ी संख्या में बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थी अनुपस्थिति रहे। बुधवार को बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में हिंदी विषय की परीक्षा थी। इसके बाद बुधवार को गृह विज्ञान की परीक्षा थी। हाईस्कूल में जिला गौतमबुद्धनगर में 20803 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, बुधवार तक इनमें से 1145 विद्यार्थी अनुपस्थिति रहे। इंटरमीडिएट में 18066 विद्यार्थियों में से 846 विद्यार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। अनुमान है कि आगे आने वाले अंग्रेजी, गणित, भौतिक, रसायन जैसे कठिन पेपरों में अनुपस्थिति छात्रों की संख्या बढ़ सकती है।
सीसीटीवी और ऑडियो रिकॉर्डर से नकल पर रोक
दो वर्षों से लगातार सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी और ऑडियो रिकॉर्डर लगाया जा रहा है। वहीं, कक्ष निरीक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों की भी नकल रोकने की जिम्मेदारी है। सख्ती के चलते ही नकलचियों पर शिकंजा कसा गया है। जिले में होशियारपुर, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय और डीएम कार्यालय में एनआईओएस विभाग में सीसीटीवी लगे हैं। यहां से सभी 47 केंद्रों के कक्षों की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अलावा लखनऊ से भी लाइव मॉनिटरिंग चल रही है।
बड़ी संख्या में नहीं हुआ पंजीकरण
शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि बहुत से नकलचियों ने तो सख्ती के अंदेशा होने के चलते परीक्षा फार्म ही नहीं भरा था। इनमें से बहुत से ऐसे भी हैं जिन्होंने सोचा था कि आगे चलकर नकल के लिए सेटिंग हो जाएगी, उनको भी निराशा हाथ लगी है।
सीसीटीवी और ऑडियो रिकॉर्डर जैसी तकनीक के चलते नकल पर लगाम लगी है। आईडी कार्ड, कक्ष निरीक्षक और केंद्र व्यवस्थापकों की सख्ती के कारण भी नकल पर शिकंजा कसा गया है। अभी तक पांच फीसदी से अधिक विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा में अनुपस्थिति हुई है।
-नीरज पांडे, जिला विद्यालय निरीक्षक