- ईडी ने परियोजनाओं में फ्लैट खरीदारों की अगुवाई करने वालों को सूचना जारी कर जांच में सहयोग के लिए बुलाया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जेपी की परियोजनाओं में फंड डायवर्जन समेत अन्य अनियमितताओं की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फ्लैट खरीदारों का पक्ष भी शामिल करेगा। निदेशालय ने 10-12 फ्लैट खरीदारों को सूचना पत्र जारी कर जानकारी लेने के लिए 25 फरवरी को बुलाया है। इनमें से अधिकतर वो फ्लैट खरीदार हैं जिनकी तरफ से पूर्व में कई स्तर पर शिकायतें की गई थीं या फिर परियोजनाओं में फ्लैट खरीदारों के समूह की अगुवाई कर रहे हैं। पूर्व में भी निदेशालय कई फ्लैट खरीदारों को बुलाकर उनसे उनके आरोपों पर बिल्डर के खिलाफ जानकारी और मौजूद सबूत ले चुका है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) भी जेपी की परियोजनाओं में फंड डायवर्जन को लेकर जांच कर रही है, वहां नपर भी कुछ फ्लैट खरीदारों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की सूचना है।
सूत्रों के मुताबिक जेआइएल की परियोजना में खरीदारों के खरीदारों से ईडी ने फंड डायवर्जन से संबंधित जानकारी और परियोजना की प्रगति रिपोर्ट से जुडे दस्तावेज मांगे हैं। इसके साथ जेआइएल व सुरक्षा के दस्तावेज, बिल्डर बायर्स एग्रीमेंट (बीबीए), पेमेंट डिटेल्स भी मांगे गए हैं। खरीदारों से कितना पैसा आया और ये कहां गया इस बारे में ईडी पूरी तरह से छानबीन में जुटा हुआ है।
ईडी ने यह जांच मई में शुरू कर दी थी। 23 मई 2025 कोसेक्टर-128 स्थित जेपी के कॉरपोरेट व मार्केटिंग के ऑफिस समेत 15 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। फिर नवंबर में जेपी समूह के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक मनोज गौर की गिरफ्तारी हुई। ईडी की यह जांच घर खरीदारों से विभिन्न परियोजनाओं में जमा करवाई गई करीब 14599 करोड़ रुपये को लेकर है। यह तथ्य सामने आए हैं कि धनराशि का बड़ा हिस्सा आवासीय परियोजनाओं में नहीं लगाकर जेपी समूह की हेल्थकेयर, स्पोर्ट्स कंपनियों व ट्रस्ट में ट्रांसफर की गई है। इसका असर यह हुआ है कि मौके पर आवासीय परियोजनाएं अधूरी पड़ी रह गईं। जेपी विशटाउन में शामिल 16 परियोजनाओं में 20 हजार निवेशक, 150 से अधिक टावर हैं। परियोजनाएं अधूरी होने से हज़ारों फ्लैट खरीदार, निवेशक भटक रहे हैं।
वर्ष 2024 में जेआइएल का सुरक्षा समूह ने टेकओवर किया था। इसी मामले में जांच करते हुए ईडी ने सुरक्षा समूह पर 235 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन का आरोप लगाकर ईओडब्ल्यू में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। इससे जुड़े कुछ सबूत भी ईडी ने ईओडब्ल्यू को साझा किए हैं।