कानूनी पेच से बचने के लिए लड़की की शादी अपनी ही बुआ के बेटे से आर्य समाज मंदिर में करा दी गई, जबकि युवक खुद उसी बुआ के घर में लड़की के साथ रह रहा था। अब पुलिस ने इस पेचीदा खेल के पांच किरदारों को गिरफ्तार कर लिया है और नाबालिग लड़की के अपहरण से लेकर पॉक्सो तक की धाराएं लगा दी।
रबूपुरा कोतवाली पुलिस ने बताया कि लड़की के पीड़ित पिता ने 28 सितंबर को कोतवाली में मामला दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि म्याना गांव निवासी हिमांशु भाटी, आकलपुर गांव निवासी दीपक और वंश त्यागी उसकी 17 साल की बेटी को अपने साथ ले गए है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मुख्य आरोपी हिमांशु भाटी की बुआ हैं। पुलिस ने बताया कि शनिवार को रबूपुरा कोतवाली की टीम ने लड़की को बरामद कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को अपहरण, झूठी गवाही और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है।
20 दिन बाद हो गई थी बालिग
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में लड़की ने बताया कि हिमांशु उसके साथ पढ़ता है। वो उससे प्यार करती है और 27 सितंबर को हिमांशु के साथ चली गई। तब वो नाबालिग थी, लेकिन 20 दिन बाद वो बालिग हो गई थी। 17 नवंबर को इलाहाबाद के एक मंदिर में हिमांशु के साथ वरमाला डालकर शादी कर ली थी।
आरोप है कि सौरभ, बॉबी भाटी, पदम सिंह, अंकुश व हिमांशु ने उससे कहा कि वो अभी कानूनन चिराग से शादी कर लो, लेकिन हिमांशु के साथ रहना। ताकि पुलिस की कार्रवाई से बच सके। 27 नवंबर को गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में युवती की चिराग से शादी करा दी गई। 4 दिसंबर को गाजियाबाद कोर्ट में भी कोर्ट मैरिज कर ली।
बुआ के लड़के ने दिया था शादी का सुझाव
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन उसकी उम्र कम है। इस पर बुआ के बेटे ने कहा था कि अभी युवती की शादी उससे करा दो, लेकिन वो हिमांशु के साथ ही रहेगी। जिसके बाद युवती की शादी चिराग के साथ कराई गई। चिराग से शादी होने के बाद युवती और आरोपी हिमांशु बुआ ब्रजेश ठाकुर व फूफा पदम सिंह के घर पर गाजियाबाद में रह रहे थे।