ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की ईकोविलेज दो सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को बिल्डर के खिलाफ थाली बजाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मार्केटिंग ऑफिस को बंद करा दिया। आरोप है कि बिल्डर चार साल से रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दे रहा है, लेकिन अब तक रजिस्ट्री कराना शुरू नहीं किया है। चेतावनी दी है कि बिल्डर जल्द रजिस्ट्री नहीं करता है तो हर सप्ताह प्रदर्शन करेंगे।
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में बिल्डर ने 4 साल पहले कब्जा दिया था। करीब एक हजार निवासियों को रजिस्ट्री होने का इंतजार है। निवासियों का कहना है कि बीते साल सितंबर में बिल्डर ने एक माह में रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। परेशान होकर रविवार सुबह सोसाइटी के निवासियों ने एकत्रित होकर ताली व थाली बजाकर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सोसाइटी के अंदर घूमने के बाद निवासी बिल्डर के मार्केटिंग कार्यालय और कार्यालय को बंद कराकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बिल्डर के कर्मचारियों ने निवासियों को समझाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक निवासियों ने प्रदर्शन किया। चेतावनी दी है कि जब तक रजिस्ट्री शुरू नहीं होती, तब तक बिल्डर के खिलाफ हर सप्ताह शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन में विवाद, एक कर्मी हिरासत में
ग्रेनो वेस्ट की फ्रेंच अपार्टमेंट सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को मेंटेनेंस ऑफिस के बाहर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप है कि मेंटेनेंस चार्ज लेने के बाद भी बिल्डर ने सुविधाएं नहीं दी हैं। प्रदर्शन के दौरान बिल्डर के बाउंसरों ने धक्का-मुक्की की तो विवाद हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने बिल्डर के एक कर्मचारी को हिरासत में लिया है।
निवासियों ने बताया कि बिल्डर समय पर मेंटेनेंस शुल्क ले रहा है, लेकिन सभी सुविधाएं नहीं दे रहा है। स्वीमिंग पूल नहीं बनाया है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या कम है। बेसमेंट में लीकेज समेत अन्य समस्याएं हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी बिल्डर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। पार्किंग का आवंटन किया है, लेकिन वह सही नहीं है। परेशान होकर रविवार को निवासियों ने मेंटेनेंस ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।
आरोप है कि वहां बिल्डर के कर्मचारियों और बाउंसरों ने धक्का-मुक्की की और अंदर जाने नहीं दिया। इस बात पर निवासी और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। निवासियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है।