नूंह/नगीना। उमरा गांव की जामा मस्जिद में शुक्रवार को रमजान माह के तीसरे जुमा की नमाज अदा कर रोजेदारों ने कोरोना से निजात दिलाने की दुआ मांगी। इस दौरान इमाम मुफ्ती शोएब ने कोरोना महामारी के दौरान लोगों से अपने घरों पर रहने की अपील की। साथ ही कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की गाइडलाइन का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाकर ही जाएं।
रोजेदारों ने बताया कि नमाज के दौरान जिस तरह हर आदमी शांति के साथ रहता है, बाकी जिंदगी भी उसे उसी शांति के साथ रहना चाहिए। रमजान से सीख मिलती है कि हम हमेशा शांति के मार्ग पर चलें। शांति के मार्ग पर चलकर ही दुनिया में हम सब कुछ हासिल कर सकते हैं। अशांति के मार्ग पर चलने वाले लोग हमेशा नाकाम होते हैं। रोजा का मतलब परहेज गारी है। जिस तरह इंसान रोजे में न बुरा बोल सकता है और न बुरा सोच सकता है। ठीक इसी प्रकार रोजेदारों को पूरी जिंदगी गुजारनी चाहिए। वहीं, नूंह की बड़ी मस्जिद में भी रोजेदारों ने नमाज अदा कर देश दुनिया में शांति की दुआ मांगी। इस दौरान इमाम मुफ्ती जाहिद ने कहा कि जरूरी कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकलें। सभी लोग सरकार के नियमों का पालन करें। सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी का विशेष ख्याल रखें। तभी जाकर कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके अलावा फिरोजपुर झिरका में मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती जाहिद हुसैन कासमी ने नमाज अदा करने के बाद अपील की है कि सभी लोग सरकार, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का साथ दें। इस मौके पर जामा मस्जिद के मुफ्ती अहमद शाकिर, हाफिज शहीद अहमद, हासिम समर, समीम एडवोकेट कोलगांव, नपा के वाइस चेयरमैन जसमाल खान आदि मौजूद रहे।