-दाखिला पोर्टल से चार दिसंबर तक कराया जा सकता है पंजीकरण
-6 दिसंबर से शुरू होगी साक्षात्कार प्रक्रिया, चार जनवरी तक चलेगी
-सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी को देना होगा 750 रुपये आवेदन शुल्क
-एससी-एसटी, पीडब्ल्यूडी छात्रों को 300 रुपये करने जमा करने होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने लंबे इंतजार के बाद शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए विभिन्न पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। 13 नवंबर बुधवार से शुरू हुई इस प्रक्रिया के साथ ही पीएचडी दाखिला पोर्टल भी सक्रिय हो गया है। पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के इच्छुक आवेदक चार दिसंबर तक पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद साक्षात्कार प्रक्रिया 6 दिसंबर से शुरू होगी जो कि चार जनवरी 2025 तक चलेगी।
पीएचडी प्रोग्राम में पंजीकरण के लिए एससी, एसटी, पीडब्लयूबीडी उम्मीदवारों को प्रति प्रोग्राम 300 रुपये पंजीकरण शुल्क और सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को प्रति प्रोग्राम 750 रुपये का भुगतान करना होगा। जबकि दाखिले के लिए फीस का भुगतान 14 जनवरी 2025 तक किया जा सकता है। विश्वविद्यालय ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि पंजीकरण के समय सूचना बुलेटिन को जरूर पढ़े। इसके साथ ही दाखिले से संबंधित सभी सूचनाओं और अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की दाखिला वेबसाइट और संबंधित विभाग की वेबसाइट को जरूर देखते रहें।
नेट परीक्षा के अंकों के आधार पर दाखिले
डीयू में इस साल से पीएचडी में दाखिले के लिए नेट परीक्षा के अंकों को देखा जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए दिसंबर 2023 और जून 2024(21 अगस्त-05 सितंबर) तक आयोजित नेट परीक्षा के अंकों पर विचार किया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों के लिए साक्षात्कार अनिवार्य है। दाखिले के लिए नेट परीक्षा के 70 फीसदी अंकों और साक्षात्कार के 30 फीसदी अंकों की वेटेज को देखा जाएगा। डीयू में पहले नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण छात्र पीएचडी में सीधे प्रवेश के लिए आवेदन करते थे। मालूम हो कि दरअसल नेट परीक्षा में देरी और फिर रिजल्ट आने में हुई देरी के कारण पीएचडी के दाखिले अधर में लटक गए थे। जबकि जून में ही पीएचडी के दाखिले शुरू होने थे। लेकिन नेट परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर दाखिला प्रक्रिया को शुरू नहीं किया जा सका था।