जिला उपभोक्ता आयोग
- कर्मचारी राज्य बीमा निगम को इलाज की सूचना न देने पर आयोग ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) को इलाज की सूचना देने का पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने क्लेम से संबंधित वाद खारिज कर दिया। सिकंदराबाद के ग्राम अलीपुर निवासी विनोद कुमार भाटी टॉप्स सिक्योरिटी लिमिटेड में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। कर्मचारी होने के चलते उन्हें कर्मचारी राज्य बीमा निगम का कार्ड मिला हुआ था। 18 सितंबर 2012 को वह डेंगू बुखार से पीड़ित हो गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान करीब 2.50 लाख रुपये खर्च हुए।
विनोद कुमार भाटी का कहना था कि इलाज के दौरान उन्होंने निगम को इसकी सूचना दी थी। उपचार से संबंधित कागजात और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर निगम के कार्यालय में जमा करा दी थीं। इसके बाद वह समय-समय पर निगम के कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें बीमा की कोई राशि नहीं दी गई। निगम कार्यालय से संपर्क करने पर क्लेम देने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने क्लेम की राशि दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान निगम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ईएसआईसी आदर्श अस्पताल, सेक्टर-24, नोएडा को विनोद कुमार भाटी के कैलाश अस्पताल में भर्ती होने की कोई सूचना नहीं दी गई थी। आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। आयोग ने पाया कि निगम ने शिकायतकर्ता द्वारा निजी अस्पताल में उपचार कराने की सूचना दिए जाने के दावे से इंकार किया है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आयोग ने निगम की सेवा में कोई कमी नहीं मानी और क्लेम की राशि दिलाने के लिए दायर वाद को खारिज कर दिया।