नूंह(अंतराम खटाना)। जिले में भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण में चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में कई बार चालक संबंधित विभाग से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। शिक्षा के अभाव के कारण जिले के हजारों लोग ड्राइवरी के पेशे से जुड़े हैं। 2017 में फर्जी लाइसेंस बनवाने की शिकायत के बाद जिले में नवीनीकरण का काम बंद हो गया। हालांकि सरकार ने कुछ दिनों पहले शैक्षणिक शर्त को हटा दिया था, लेकिन चालकों को अब भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में वर्तमान में करीब 62 हजार युवाओं के पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस हैं। आरोप है कि कई चालकों के लाइसेंस के लिए आरटीओ ऑफिस नूंह ने ऑनलाइन फीस भी काट ली, लेकिन लाइसेंस रिन्यू नहीं किया गया। नियम के अनुसार, हैवी लाइसेंस के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है, लेकिन जिले में सरकार ने शैक्षणिक योग्यता की शर्त को हटा दिया था। पहले मैनुअल हैवी लाइसेंस बनते थे। 2017 में रिन्यूअल प्रक्रिया बंद करने के पीछे कारण था कि चालक अन्य प्रदेशों से लाइसेंस बनवाकर लाते थे। इन्हें सत्यापित कराना पड़ता था। अधिकारियों का मानना है कि पहले लाइसेंस नॉर्थ ईस्ट में बनवाए गए थे। 2005 में जिला बनने पर नूंह में हैवी लाइसेंस बनाने और रिन्यू करने का कार्य आरटीए कार्यालय ने शुरू किया था। काफी चालकों ने अस्थायी पते बाहर के देकर लाइसेंस बनवाए थे।
मेरा लाइसेंस 12 साल पहले प्रदेश के जींद जिले से बना था बाद में नूंह से रिन्यू भी करा लिया। अब फाइल दिए हुए दो साल हो गए हैं लेकिन लाइसेंस रिन्यू नहीं हो रहा है। विभाग द्वारा दसवीं की मार्कशीट मांगी जा रही है।
अजीज, चालक, टांई।
मेरा लाइसेंस पहले फरीदाबाद से बना था। कई बार नूंह से रिन्यू भी कराया है अब कई बार विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाए है लेकिन लाइसेंस रिन्यू नहीं हो रहा है। फाइल तैयार की है, लेकिन कोई ले नहीं रहा है।
वहीद, चालक, टांई।
2008 में हैवी लाइसेंस बनवाया था। नूंह से कई बार लाइसेंस रिन्यू कराया गया था। अब दो साल से घर बैठे है कुछ नहीं हो रहा है। आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब्दुल वहीद, चालक
दो साल से लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए विभाग के चक्कर काट रहा हूं। कई बार नूंह से ही लाइसेंस रिन्यू कराया था। अब कार्यालय में बाबू कुछ नहीं सुन रहे हैं।
मोहम्मद युनूस, चालक, नूंह
चालकों की इस समस्या के बारे में पता कराया जाएगा। अगर इस तरह की कोई परेशानी है तो प्राथमिकता के साथ इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। -विक्रम सिंह, सचिव आरटीए, नूंह।